उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्र
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भाजपा नेताओं को यदि हिमाचल के लोगों की इतनी ही चिंता है तो प्रदेश में हुए भारी नुकसान को राष्ट्रीय आपदा घोषित करवाएं। यह बात शुक्रवार रात को श्री नयनादेवी जी पहुंचे उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कही। पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि भाजपा नेता नुकसान का आकलन केंद्र सरकार के सामने रखें। इस आपदा में प्रदेश की जनता को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने मां नयनादेवी से प्रार्थना की कि ऐसी आपदा दोबारा प्रदेश पर न आए। उन्होंने कहा कि प्रदेश इस समय विपदा में है और भाजपा इस समय भी राजनीति कर रही है। केंद्र ने जो पहली किस्त 180 करोड़ रुपये की दी है वह प्रदेश को प्रक्रिया के तहत मिलनी ही थी। प्रधानमंत्री सड़क योजना के पैसे को भाजपा आपदा के दौरान दी गई मदद बता रही है, जबकि यह रूटीन के पैसे हैं, जो प्रदेश को मिलने थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार इस समय राजनीति नहीं करना चाहती है और न ही करेगी। पूरा ध्यान जनता को राहत पहुंचाने पर है। उन्होंने कहा कि आपदा ने प्रदेश को बहुत बड़ा दंश दिया है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने मां नयना देवी के दर्शन किए और पुजारियों ने विधिवत पूजा-अर्चना करवाई। उन्होंने प्राचीन हवन कुंड में आहुतियां भी डालीं।
कुर्सी की लालसा छोड़ दें नेता प्रतिपक्ष : अग्निहोत्री
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर कुर्सी की लालसा छोड़ दें। उनके बयानों पर हम ध्यान भटकाना नहीं चाहते। यह बात उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पौंग बांध पर पहुंचने के दौरान पत्रकारों से बात करते हुएकही। इससे पूर्व पौंग बांध पर पर्यटक विभाग के कैफेटिरिया में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को उचित कदम उठाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार ने जलमग्न हुए क्षेत्रों में युद्धस्तर पर हेलिकाप्टर और नाव से रेस्क्यू ऑपरेशन किया। कई जगह पर बिजली, सड़क और पानी की समस्या बनी हुई है। अधिकारी और कर्मचारी बिना रुके आपदा में कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार ने नुकसान के लिए पूरे प्रदेश को पैसा जारी किया है। रिलीफ कैंपों को भी तवज्जो दी जा रही है। अग्निहोत्री ने कहा कि हम केंद्र से बार-बार आग्रह कर रहे हैं कि जो राहत प्रदेश को मिलनी चाहिए वह जल्द दी जाए, ताकि मानवता की सेवा हो सके। आपदा के लिए राजस्थान की सरकार ने 15 करोड़, छत्तीसगढ़ की सरकार ने 11 करोड़, राधा स्वामी संस्था की ओर से दो करोड़, माता नयनादेवी मंदिर की तरफ से दो करोड़, माता चिंतपूर्णी मंदिर की तरफ से दो करोड़, बाबा बालक नाथ मंदिर की तरफ से एक करोड़ की सहायता राशि दी गई है।