उपमुख्यमंत्री ने बस ऑपरेटरों के साथ की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश में बसों का न्यूनतम किराया बढ़ाने को लेकर मंत्रिमंडल की बैठक में विचार करेंगे। प्रदेश भर से आए बस ऑपरेटरों के साथ बैठक के दौरान यह आश्वासन उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने दिया। इस अवसर पर बस ऑपरेटरों ने 15 रुपये न्यूनतम किराया तय करने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि जब बस 10 लाख की थी और डीजल 40 रुपये था तब से न्यूनतम किराया नहीं बढ़ाया गया है। आज बस 35 लाख की है और डीजल 88 रुपये हो गया है। इसलिए किराये में बढ़ोतरी जरूरी है।
बसें बेचने पर परमिट विभाग के पास जमा करवाने के नियम को लेकर उप मुख्यमंत्री ने नीति में परिवर्तन करने पर निजी बस ऑपरेटरों के हितों का ख्याल रखने का आश्वासन दिया। कोरोना के बाद बसों में सवारियां घटने से बसों की यात्रियों को बैठाने की क्षमता में बदलाव की अनुमति की मांग पर उपमुख्यमंत्री ने सर्वे के बाद मंजूरी देने का आश्वासन दिया। एचपी 02 बसों के पंजीकरण में पेश आ रही समस्या को लेकर टैक्स को युक्ति संगत बनाने का आश्वासन दिया।
बैठक में प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप, निजी बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष राजेश पराशर, महासचिव रमेश कमल, ऑल हिमाचल कमर्शियल व्हीकल ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन राजेंद्र ठाकुर, सोलन के अध्यक्ष प्रताप ठाकुर, शिमला लोकल प्राइवेट बस आपरेटर यूनियन के उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा, पूर्व महासचिव अमित चड्ढा सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थिति रहे।
234 नए बस और 100 टैंपो ट्रेवलर रूट परमिट देंगे
अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार ने 234 नए बस रूट और 100 टैंपो ट्रेवलर रूट जारी करने का फैसला किया है। बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए परिवहन विभाग रूट परमिट देगा। ई-वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए ई-बसों, ई-ट्रकों और ई-टैक्सी की खरीद पर 50 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। निजी बस ऑपरेटर भी ई-बसें खरीद कर सरकार का सहयोग करें।