उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बाढ़ प्रभावितों से की बात।
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उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में फंसे सभी पर्यटक पूरी तरह से सुरक्षित हैं, परिजनों को चिंता करने की जरूरत नहीं हैं। अभी मार्ग बंद हैं, बहाल होते ही उनको सुरक्षित उनके घरों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली और नेटवर्क की सुविधा के अभाव में पर्यटकों के फोन चार्ज नहीं हो रहे हैं, इसी वजह से परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को मंडी में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले के विभिन्न हिस्सों में अत्यधिक बारिश से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा के बाद अग्निहात्री ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ से रास्ते बंद होने के कारण पर्यटक अलग अलग जगहों पर होटल और रिसॉर्ट में रुके हैं। ऐसे में हमने होटलियर्स को कहा है कि वह जबरदस्ती किसी को भी न निकालें। कहा कि प्रदेश में अगले 24 घंटे में पेयजल की चार हजार परियोजनाएं बहाल कर ली जाएंगी। बारिश और बाढ़ से प्रदेश में पानी की पांच हजार छोटी-बड़ी परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। इनमें से चार हजार को अगले 24 घंटों में रिस्टोर कर लिया जाएगा। इसके लिए जल शक्ति विभाग के तमाम अधिकारी पूरी मशीनरी के साथ फील्ड में डटे हैं।
मंडी में जल्द सुचारू होगी पानी की आपूर्ति, बस रूट भी होंगे बहाल
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मंडी शहर में भी अगले 24 से 48 घंटों के भीतर पेयजल आपूर्ति को पूरी तरह बहाल कर लिया जाएगा। बाढ़ के कारण गाद भरने से मंडी शहर की दोनों बड़ी पेयजल परियोजनाएं फिलहाल बंद हैं। शहर में अन्य छोटी परियोजनाओं से पेयजल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। वह मंडी शहर में अधिकारियों के साथ बैठक में बोल रहे थे।अग्निहोत्री ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को पेयजल योजनाओं के साथ सीवरेज परियोजनाओं को भी शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि मंडी जिले में बसों के लगभग सभी मुख्य रूट खुले हैं। कुछ जगहों पर अभी सड़क की दिक्कत है, वहां रास्ते खोलने के साथ रूट बहाली का काम किया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों को भी सड़कों को प्राथमिकता पर खोलने को कहा गया है।
बाढ़ पीड़ितों से मिले उप मुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री ने मंडी में बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा भी लिया। वह मंडी के ब्यास सदन और गुरुद्वारे में बनाए राहत शिविरों में रह रहे लोगों से भी मिले और उनका दुख दर्द जाना। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया और प्रशासन को सभी का हर तरह से ख्याल रखने के निर्देश दिए। प्रशासन ने बाढ़ के खतरे के चलते करीब 250 लोगों को ब्यास सदन, गुरुद्वारा और टाउनहाल में राहत शिविर बना कर ठहराया है। उनके ठहरने, भोजन, पानी, दवाओं की पूरी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जिले में सुंदरनगर, बल्ह, बाड़ी गुमाणु समेत अन्य जगहों पर जरूरतमंद प्रवासी मजदूरों को राशन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया है।
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