भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के वीरभद्र सरकार पर लगाए आरोपों पर कैबिनेट मंत्री मुकेश अग्निहोत्री और प्रकाश चौधरी ने पलटवार किया है। मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के विरुद्ध निराधार, बेबुनियाद एवं झूठे आरोप लगाने वाले प्रतिशोध की भावना से काम कर रहे हैं।
आगामी विधानसभा चुनावों को समीप आता देख व्यक्तिगत हमले किए जा रहे हैं। जिस तरह वीरभद्र सिंह की लोकप्रियता का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है, उससे भाजपा में बौखलाहट है।
दोनों मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री को सत्ता से बाहर करने में प्रदेश भाजपा के प्रयास विफल रहे हैं। भाजपा नेता अब मुख्यमंत्री पर निशाना साधने के लिए केंद्रीय नेताओं को बुला रहे हैं।
कहा कि आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट में नोटबंदी के बाद 99 प्रतिशत मुद्रा वापस आई है। यह दर्शाती है कि मोदी सरकार ने काले धन के विरुद्ध कार्रवाई के नाम पर झूठा प्रचार किया। विमुद्रीकरण से देश के लोगों को कठिनाइयों पर जवाब दें।
गुरुग्राम के प्रसिद्ध स्कूल में बच्चे की निर्मम हत्या तथा राज्य में भाजपा सरकार की असफलता और निष्क्रियता के कारण पंचकूला तथा सिरसा में हुई तबाही पर वह चुप क्यों हैं।
भाजपा नेता गोरखपुर अस्पताल में सैकड़ों बच्चों की मौत पर क्यों चुप्पी साधे हैं? उन्होंने संबित पात्रा को राज्य के भाजपा नेताओं के आतिथ्य सत्कार का आनंद उठाने तथा राज्य के राजनीतिक मामलों, जिनका उन्हें कोई ज्ञान नहीं है, पर अनावश्यक टिप्पणी न करने की सलाह दी।
पहले भाजपा दे इसका हिसाब
भाजपा के हिसाब मांगे हिमाचल अभियान पर चुटकी लेते हुए मंत्रियों ने कहा कि सबसे पहले मोदी सरकार को उनके काले धन पर किए वादे, मेक इन इंडिया, लोकपाल तथा एक सिर के बदले दुश्मन के दस सिर लाने के जैसे चुनावी जुमलों का हिसाब देना चाहिए।
कहा कि सच्चाई यह है कि पेट्रोल के दाम 76 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए हैं, जो यूपीए शासनकाल में केवल 60 रुपये थे। एलपीजी सिलेंडर के दाम 398 रुपये से बढ़कर 784 रुपये हो गए हैं।
दालों का मूल्य लगभग 55 रुपये प्रति किलोग्राम से अब 170 रुपये तक जा पहुंचा है। सकल घरेलू उत्पाद यूपीए के समय 7.9 प्रतिशत था, वो मोदी सरकार में घटकर 5.7 प्रतिशत रह गया है।
भाजपा में वर्चस्व की जंग
राज्य में भाजपा के भीतर नेतृत्व को लेकर घमासान चल रहा है। राष्ट्रीय नेता विघटित पार्टी में एकता उत्पन्न करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
पात्रा का यह दौरा राज्य में भाजपा को एकजुट करने का प्रयास था, लेकिन यह व्यर्थ रहा। कहा कि भाजपा का दुर्भावनापूर्ण प्रचार किसी प्रकार के नतीजे पर नहीं पहुंच सकता।