हिमाचल की घुमावदार और सर्पीली सड़कों पर एक बार फिर रोमांच का सफर शुरू होने वाला है। एमटीबी हिमालय साइकिल रैली 28 सितंबर से शुरू होगी। यह साइकिल रेस शिमला से धर्मशाला तक होगी।
सात अक्तूबर को इसका समापन धर्मशाला में होगा। प्रतिभागी दस दिन में 650 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। साइकिल रेस में कई देशों के 70 से अधिक साइकिलिस्ट जलोड़ी दर्रे से होकर गुजरेंगे।
रेस में 13 महिलाएं भी दमखम दिखाएंगी। हिमालयन एडवेंचर स्पोर्ट्स एंड टूरिज्म प्रोमोशन एसोसिएशन साइकिल रेस करवा रही है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित सूद ने बताया कि शिमला से धर्मशाला तक साल 2016 में पहली बार साइकिल रैली करवाई गई थी।
बीते साल मिली सफलता के बाद इस बार भी धर्मशाला तक रेस करवाई जाएगी। प्रदेश के चार जिलों शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा से होकर साइकिल रेस गुजरेगी। इस दौरान दो प्रमुख नदियों ब्यास और सतलुज को भी साइकिलिस्ट पार करेंगे।
कुल्लू में स्थित ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की बाउंड्री के साथ से साइकिल रेस गुजरेगी। पैराग्लाइडिंग का विश्व का दूसरा सबसे ऊंचा प्वाइंट बीड बिलिंग भी साइकिल रेस के रूट में शामिल है। मोहित सूद ने बताया कि साइकिल रेस आठ चरणों में पूरी की जाएगी। प्रतिदिन 60 से 90 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा।
यह रहेगा रूट
साइकिल रेस शिमला से शुरू होगी। यहां से गढ़ागुफर, नारकंडा, लूहरी, स्वाड, जलोड़ी, जोत, गढ़गुशानी, जंजैहली, मंडी, बरोट से होकर धर्मशाला में समाप्त होगी।