शहर के लोकल रूटों पर जल्द ही एचआरटीसी 50 नई बसों का संचालन शुरू करने जा रहा है। अगले हफ्ते तक बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नई बसें चलने के बाद शहर के लोगों को खटारा बसों से निजात मिल सकेगी। एचआरटीसी के कुनबे में 325 नई बसें जुड़ने वाली है। इसमें से 50 बसें शिमला शहर के लोकल रूटों में चलाई जाएंगी।
वहीं निगम के पास शिमला के अलग अलग क्षेत्रों से करीब 600 नये रूटों में बसें लगाने की मांग आ गई है। निगम का कहना है कि अगर शिमला शहर के किसी ओर क्षेत्रों में बसों की मांग रहेगी तो वहां पर भी निगम अपनी बस सेवा शुरू करेगा।
निगम की नई बसों के आने से पुरानी बसों को मरम्मत के लिए भेजा जाएगा और कुछ बसों को शिमला के लोकल रूटों में भेजा जाएगा। निगम की 25 और 40 सीटर बसें शिमला के लोकल रूटों पर चलेगी।
42 और 50 सीटर बसें शिमला के 100 किलोमीटर के दायरे पर चलाई जाएंगी। निगम की नई बसें गोवा से तैयार होकर आ रही है। इन बसों में यात्रियों के आराम से लेकर सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम किया गया है।
खास तरह से की है डिजाइन
लोकल रूट पर चलने वाली छोटी बसों को लोगों की संख्या के आधार पर डिजाइन किया गया है। इन बसों की सीटें खुली और ऊंची बनाई गई है ताकि जो यात्री खड़े होकर सफर करें वे भी आराम से अपना सफर पूरा कर सके। इन बसों की हाइट और चौड़ाई भी यहां की सड़कों के आधार पर डिजाइन की गई है। बसों में दो फर्स्ट एड बॉक्स भी रखे गए हैं। एक चालक की सीट के पास रहेगा और दूसरा परिचालक के पास रहेगा।
सफेद और हरी रंग की होंगी बसें
शहर में चलने वाली बसों की तर्ज पर ही नई बसों का रंग होगा। बसों में सफेद और हरे रंग की पट्टियां होंगी। नई बसों में चालक की सीट के इर्द गिर्द अधिक स्थान होगा। सुरक्षा के मद्देनजर मजबूत पोल लगाए गए हैं।
एचआरटीसी शिमला लोकल यूनिट के कार्य प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि शहर के लिए जल्द ही बसें आने वाली है। ये बसें आधुनिक होंगी। बसों में यात्रियों और चालक-परिचालक की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। अगर शिमला क्षेत्र में कहीं अन्य क्षेत्रों में बस की डिमांड होगी तो वहां भी बस चलाई जाएगी।