अत्याधुनिक तकनीक से लैस है मशीन, एमआरआई करवाने के लिए अब नहीं जाना पड़ेगा आईजीएमसी
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23 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की है मशीन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में मरीजों को जल्द अत्याधुनिक एमआरआई की सुविधा मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन इंस्टॉल करवा दी है। अब 22 जून (सोमवार) से इसका ट्रायल शुरू हो जाएगा। इससे सीधे तौर पर मरीजों को बड़ा फायदा मिलेगा।
आपातस्थिति में मरीजों को टेस्ट करवाने में आसानी होगी। इस मशीन को खरीदने और इंस्टॉल करने में 23 करोड़ रुपये की लागत आई है। ट्रायल सफल होने के बाद मरीजों को जांच के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। साथ ही उन्हें बाहरी लैब और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अभी तक अस्पताल में यह सुविधा न होने से मरीजों दिक्कत का सामना करना पड़ता है। मरीजों को एमआरआई के लिए आईजीएमसी जाना पड़ता है और लंबी वेटिंग के कारण परेशान होना पड़ता है। लंबी वेटिंग के कारण कई बार मरीज निजी लैब में एमआरआई करवाने को मजबूर होते हैं। इससे जेब का खर्च भी बढ़ जाता है लेकिन अब ट्रायल होने के बाद मरीजों की परेशानी काफी कम हो जाएगी। जुलाई से मरीजों को इस एमआरआई सुविधा का लाभ मिलने लगेगा।
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रोजाना 20 मरीजों को लिखा जाता है एमआरआई
अस्पताल में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी और यूरोलॉजी जैसे सुपर-स्पेशलिटी विभाग होने के कारण सटीक जांच और उपचार के लिए मरीजों को एमआरआई स्कैन की जरूरत पड़ती है। फिलहाल अस्पताल में रोजाना करीब 20 मरीजों को एमआरआई स्कैन लिखा जाता है, जिनमें न्यूरो सर्जरी के मरीजों की संख्या सबसे अधिक होती है। इस सुविधा के न होने से अभी तक मरीजों को आईजीएमसी रेफर किया जाता है।
कोट
अस्पताल में अत्याधुनिक थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन इंस्टॉल हो गई है। अब मशीन के ट्रायल शुरू होंगे। ट्रायल सफल होने के तुरंत बाद मरीजों को इसकी सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी, जिससे उन्हें बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
-डॉ. सुधीर शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना