चेक सांसद जित्का सैतलोवा ने तिब्बती लोगों की पहचान, धर्म और संस्कृति की रक्षा के अधिकार के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चेक गणराज्य ने भी दमन और अत्याचार का दौर देखा है, इसलिए तिब्बतियों के संघर्ष को गहराई से महसूस करता है। ऑस्ट्रेलियाई सांसद बारबरा पाॅकॉक ने आधिकारिक समारोह में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रशंसा की। चिली के सांसद व्लादो मिरोसेविक ने दलाई लामा से अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि दलाई लामा ने मध्यम मार्ग नीति और चीन तिब्बत संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। फ्रांस की सांसद सामंथा काजेबोन ने कहा कि इस प्रतिनिधिमंडल में उनकी भागीदारी तिब्बत के प्रति समर्थन का स्पष्ट संकेत है। न्यूजीलैंड के सांसद ग्रेग फ्लेमिंग ने कहा कि निर्वासन में तिब्बती समुदाय ने अपनी संस्कृति और धर्म को सराहनीय तरीके से सुरक्षित रखा है। फीजी के सांसद वीरेंद्र लाल ने कहा कि भाषा किसी भी समुदाय की पहचान की नींव है।