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हंगामेदार रहेगा हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र, इन मुद्दों पर गरमाएगा सदन

Fri, 04 Sep 2020 09:18 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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हिमाचल विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष जयराम सरकार को हमलावर तेवरों से सदन में घेरने की पूरी तैयारी कर चुका है। अमर उजाला में सुर्खियां बने ज्वलंत मुद्दे सदन में खूब गरमाएंगे और सरकार की अभी तक की विफलता को लेकर भी हमला बोला जाना है। प्रदेश में बेलगाम अफसरशाही और विधायकों-सांसदों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला कर अफसर के नाम पट्टिकाओं में अपने नाम लिखाने को लेकर भी विपक्ष के तीखे तेवर देखने को मिलेंगे। विपक्ष बीपीएल सूची में अफसरों को रखकर लाभ पहुंचाने से भी खफा है। आनन-फानन में नई पंचायतों के गठन को लेकर भी सरकार पर हमला बोलने की तैयारी है। जमीन खरीद में मंत्री की संलिप्तता को लेकर भी सवाल उठेंगे। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जीएसटी में हिमाचल का हिस्सा देने से केंद्र ने इंकार किया है।

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इससे प्रदेश के आर्थिक हितों पर कुठाराघात हुआ है। सरकार के खर्चों के लिए कर्जे लेने पड़ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने अपने खर्चों पर कोई कटौती नहीं की। वित्तीय स्थिति खराब होने के बाद भी निगमों और बोर्डों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष लगाए जा रहे हैं। कोरोना के नाम पर विधायक निधि रोक दी गई और इससे क्षेत्र का विकास थमा है। सरकार ने अभी तक विधायक निधि तक बहाल नहीं की। अग्निहोत्री ने कहा कि कोराना काल में भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। छह माह की अवधि में जो कुछ हुआ, उसे लेकर सरकार से सवाल पूछे जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना काल में भ्रष्टाचार चरम में रहा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा और मंत्रियों के विभाग बदलने का मामला भी सदन में गरमाएगा। प्रदेश में बढ़ रही बेरोजगारी को लेकर भी विपक्ष सवाल उठाएगा।

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