कार्ट रोड पर भूस्खलन, देवदार का पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित
राजधानी शिमला में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद रविवार को कार्ट रोड पर भूस्खलन हो गया। लिफ्ट के समीप कार्ट रोड को चौड़ा करने के लिए की गई पहाड़ी की कटिंग के बाद मिट्टी खिसक गई, जिससे एक देवदार का पेड़ सड़क पर आ गिरा। घटना के बाद एहतियात के तौर पर कार्ट रोड पर यातायात रोक दिया गया।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने मौके पर जेसीबी मशीनें और मजदूर तैनात कर पेड़ को काटकर हटाने तथा भूस्खलन का मलबा साफ करने का कार्य शुरू कर दिया है। रविवार होने के कारण अन्य दिनों की तुलना में कार्ट रोड पर वाहनों की आवाजाही कम रही, जिससे यातायात व्यवस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस भूस्खलन में किसी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मलबा और पेड़ हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है तथा जल्द ही कार्ट रोड पर यातायात सामान्य कर दिया जाएगा।
धर्मशाला में घनी धुंध से दृश्यता घटी, वाहन चालकों की बढ़ी मुश्किलें
कांगड़ा जिले के धर्मशाला शहर में रविवार सुबह घनी धुंध छाने से जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में दृश्यता काफी कम हो गई, जिसके कारण वाहन चालकों को दिन के समय भी हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर सफर करना पड़ा।
घनी धुंध के चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दृश्यता बेहद कम होने से चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
हालांकि, दिन चढ़ने के साथ मौसम में सुधार हुआ और धुंध धीरे-धीरे छंटने लगी। इसके बाद यातायात सामान्य हुआ और लोगों को राहत मिली। मौसम में आए इस बदलाव से क्षेत्र के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई।
चिंतपूर्णी में तूफान और मूसलाधार बारिश
धार्मिक नगरी चिंतपूर्णी में रविवार सुबह मौसम ने अचानक करवट लेते हुए रौद्र रूप धारण कर लिया। सुबह करीब 10:30 बजे तेज तूफान और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते आसमान काले बादलों से घिर गया और कुछ ही मिनटों में पूरे क्षेत्र में बारिश का जोर बढ़ गया।
तेज हवाओं के कारण बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकानदारों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं, जबकि राहगीरों और श्रद्धालुओं ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। कई स्थानों पर तेज हवा के झोंकों के चलते लोगों को आवाजाही में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
भारी बारिश के कारण कुछ ही समय में सड़कों पर पानी भर गया और दृश्यता भी कम हो गई। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालुओं को भी हैरान कर दिया।
हालांकि बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी क्षेत्र में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।