हिमाचल में इसी सप्ताह दस्तक देने वाले मानसून से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। भूस्खलन वाले इलाकों में जेसीबी और डोजर भेज दिए हैं। जरूरत पड़ी तो निजी जेसीबी भी हायर की जाएंगी। डिविजन और सब डिविजन के कर्मचारियों की छुट्टियों का रिकॉर्ड मांगा गया है।
मानसून के चलते विभाग फील्ड में तैनात कर्मचारी को छुट्टी नहीं देगा। फील्ड में 7 हजार कर्मचारियों को तैनात किया जा रहा है। हिमाचल सरकार ने मानसून के आगमन से पहले अलर्ट घोषित कर दिया है। मुख्य सचिव वीसी फारका ने सभी विभागों को मानसून आने से पूर्व बाढ़ संभावित इलाकों से अतिक्रमण हटाने को कहा।
मजदूर कालोनियों, निचले क्षेत्रों में नदियों और नालों के किनारे की बस्तियां खाली करवाने के निर्देश दिए हैं। चंबा, किन्नौर, लाहौल स्पीति, शिमला जिलों के अधिकांश क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा रहता है।
इन जिलों में सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है, ऐसे में इन क्षेत्रों में चट्टानें गिरने की आशंका बनी रहती है। विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त मजदूर और मशीनरियां भेज दी हैं। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ आरपी वर्मा ने कहा कि मानसून से निपटने के लिए विभाग तैयार है।
सड़क किनारे से हटेंगी मजदूरों की झोपड़ियां
हिमाचल में जिन सड़कों पर काम चल रहा है, वहां बनाई गई मजदूरों की झोपड़ियों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को इस पर निगरानी रखने को कहा गया है।