हिमाचल से सामान्य से 26 फीसदी कम बारिश के साथ बुधवार को मानसून विदा हो गया। इस साल मानसून सीजन में सिर्फ तीन जिलों बिलासपुर, कुल्लू और ऊना में सामान्य बारिश हुई। शेष नौ जिलों में सामान्य से कम बादल बरसे। लाहौल-स्पीति में सबसे कम सामान्य से 73 फीसदी कम बारिश हुई। बीते साल मानसून 11 अक्तूबर को विदा हुआ था और बारिश सामान्य से 10 फीसदी कम हुई थी। वर्ष 2019 में बारिश सामान्य से 10 फीसदी कम हुई थी।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि मानसून के हिमाचल से विदा होने की सामान्य तारीख 25 सितंबर मानी गई है। इस साल हिमाचल में पांच दिन अधिक मानसून रहा। 17 साल बाद सितंबर में इस साल बहुत कम बारिश हुई है। इस बार सितंबर में सामान्य से 77 फीसदी कम बादल बरसे। इससे पहले साल 2004 में सामान्य से 71 फीसदी कम बारिश हुई थी। जून, जुलाई और सितंबर में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई। इस कारण मानसून सीजन कमजोर रहा। इस साल मानसून सीजन के दौरान बिलासपुर में सामान्य से नौ फीसदी, कुल्लू में पांच फीसदी और ऊना में 10 फीसदी अधिक बारिश हुई।
चंबा में सामान्य से 55 फीसदी, हमीरपुर में 20, कांगड़ा में 24, किन्नौर में 54, मंडी में 23, शिमला में 29, सिरमौर में 37 और सोलन में 21 फीसदी कम बारिश हुई। प्रदेश में 24 जून को मानसून ने प्रवेश किया था। 30 सितंबर तक प्रदेश में 567 मिलीमीटर बादल बरसे। इस अवधि में सामान्य बारिश 763 मिलीमीटर मानी गई है। सितंबर में इस साल सिर्फ दो दिन चार और सात तारीख को बारिश हुई। शेष पूरे माह मौसम शुष्क रहा। सितंबर में 21 तारीख को ऊना में सबसे अधिक तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान 27 सितंबर को केलांग में 3.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
छह अक्तूबर तक मौसम साफ, पारा चढ़ने से बढ़ेगी गर्मी
प्रदेश में छह अक्तूबर तक मौसम साफ बने रहने का पूर्वानुमान है। अधिकतम तापमान में वृद्धि होने से गर्मी बढे़गी। बुधवार को राजधानी शिमला सहित पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहा। ऊना में अधिकतम तापमान 35.5, भुंतर में 32.8, बिलासपुर में 32.5, हमीरपुर में 32.2, कांगड़ा में 32.1, सुंदरनगर में 32.0, चंबा में 30.9, सोलन में 30.6, नाहन में 29.9, धर्मशाला में 26.8, शिमला में 25.1, कल्पा में 24.1, केलांग में 19.9 और डलहौजी में 19.8 डिग्री सेल्सियस रहा।