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जहर देकर बंदर मारने के मामले की मेनका गांधी से शिकायत

Wed, 30 Jan 2019 01:09 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमलाचंबा
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जिला चंबा के भटियात उपमंडल में बंदरों को जहर देकर मारने का मामला प्रकाश में आया है। वन मंडलाअधिकारी डलहौजी ने इस मामले को लेकर सभी कर्मचारियों को आदेश जारी कर दिए है। जारी आदेशों के मुताबिक अगर कोई बंदरों को जहर दे रहा है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभागीय आदेशों के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।  

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गौरतलब है कि बंदरों पर हमले से कुछ लोग खासे आहत हैं। इस मामले को लेकर बाकायदा मेनका गांधी से शिकायत की गई है। हालांकि देवभूमि में बंदरों का उत्पात पिछले कई सालों से जारी है। मगर साल 2016 में केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार की मांग पर बंदरों को हिंसक घोषित कर मारने पर रोक हटा दी थी।

इसके बाद इसे और एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया गया। राज्य के 10 जिलों की 38 तहसीलों में वर्मिन घोषित होने के बाद भी बहुत कम संख्या में बंदरों को मारा गया। मगर चुवाड़ी क्षेत्र में धड़ल्ले से बाजार से दवाइयां खरीदकर लोग के बंदरों को मारने की शिकायतें आ रही है।
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इसी संदर्भ में एक शिकायत मेनका गांधी के पास भी पहुंची है। शिकायत के आधार पर वन्य प्राणी विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डीएफओ डलहौजी राकेश कटोच का कहना है कि इस बारे छानबीन की जा रही है।

उन्होंने कहा कि रेंज ऑफिसर और फील्ड स्टाफ को आदेशित कर दिया गया है। उन्होंने इसे अपराध बताते हुए कहा कि बंदरों को मारने तथा जहर बेचने वालों के खिलाफ वन्य प्राणी अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। साथ ही बंदरों को जहर देते हुए कोई पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज हो सकती है।

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