केंद्र सरकार हिमाचल में ऑटोमेटिड एसएमएस योजना शुरू करने जा रही है।
मिड-डे-मील में घपले पर अब सरकार को एसएमएस आएगा। केंद्र सरकार हिमाचल में ऑटोमेटिड एसएमएस योजना शुरू करने जा रही है। योजना के तहत कितने बच्चे स्कूल में मौजूद रहे और कितनों ने दोपहर को निशुल्क भोजन किया। इसकी दोपहर दो बजे तक केंद्र और राज्य सरकार के पास एसएमएस के माध्यम से डिटेल पहुंच जाएगी।
हिमाचल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस योजना को शुरू किया जा रहा है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक 5.30 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। मिड-डे-मील योजना के तहत बच्चों को दोपहर का भोजन स्कूल में उपलब्ध करवाया जाता है। मिड-डे-मील के राशन, गैस में घपला होने की राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार के पास कई राज्यों से शिकायतें पहुंच रही हैं।
कई राज्यों में तो बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये का गोलमाल करने के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे में केंद्र सरकार अब एसएमएस के जरिये इस योजना पर नजर रखने की तैयारी में है। इसी कड़ी में देश भर में हिमाचल प्रदेश को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुना गया है। यहां पर योजना की सफलता के आधार पर अन्य राज्यों में भी इसे लागू किया जाएगा।
14 हजार शिक्षकों का रिकार्ड तैयार
मिड डे मील का काम देख रहे करीब 14 हजार शिक्षकों का प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने रिकार्ड तैयार लिया है।
पहली से आठवीं कक्षा वाले सरकारी स्कूलों में मिड डे मील का काम देख रहे करीब 14 हजार शिक्षकों का प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने रिकार्ड तैयार लिया है। सभी शिक्षकों के नाम और मोबाइल नंबरों का डाटा तैयार कर एसआईसी को दिया गया। योजना को सफलतापूर्वक चलाने के लिए एनआईसी ने सॉफ्टवेयर तैयार किया है।
ऐसे काम करेगी योजना
ऑटोमेटिड एसएमएस योजना के तहत दोपहर दो बजे तक हर स्कूल के शिक्षक को स्कूल में मौजूद बच्चों और मिड डे मील खाने वाले बच्चों की संख्या का एक मेसेज करना होगा। मेसेज करने के पैसे नहीं लगेंगे।
केंद्र सरकार ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी आफ इंडिया के सहयोग से एसएमएस किए जाने वाले नंबर को मुफ्त श्रेणी में शामिल करवा दिया है। भविष्य में राशन आदि की डिटेल भी एसएमएस से भेजने की योजना है।
स्कूल से गायब शिक्षकों पर कसेगा शिकंजा
प्रदेश के सरकारी स्कूलों से अधिकांश समय गायब रहने वाले शिक्षकों पर भी सरकार ऑटोमेटिड एसएमएस योजना से शिकंजा कसने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान को यह योजना पसंद आई है।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अफसरों को शिक्षकों की हाजिरी को भी इस योजना के तहत शामिल करने के लिए कहा है। योजना लागू होने पर सुबह ही सभी स्कूलों में हाजिर शिक्षकों का ब्यौरा स्टेट आफिस में एकत्र हो जाएगा।