कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े पांच करोड़ के मनी लॉंड्रिंग मामले में आरोपी बीमा एजेंट आनंद सिंह चौहान को चार्जशीट के साथ दाखिल दस्तावेजों का निरीक्षण करने की अनुमति दी है। मामले की अगली सुनवाई के 24 नवंबर को होगी। पटियाला हाउस स्थित विशेष लिंक सीबीआई जज भरत पराशर ने को यह अनुमति दी।
मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई जज विनोद कुमार शनिवार को ट्रेनिंग पर थे। इसलिए केस को सुनवाई के लिए सीबीआई जज भरत पराशर के समक्ष भेजा गया था। बता दें कि चौहान पर वीरभद्र सिंह के पांच करोड़ रुपये जीवन बीमा में निवेश करवाने का आरोप है। चौहान ने दस्तावेज दिलाने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर की थी। अदालत ने यह दस्तावेज चौहान को देने का निर्देश ईडी को दिया था।
विशेष सीबीआई अदालत ने ईडी की चार्जशीट पर सात सितंबर 2016 को संज्ञान लेते हुए कहा था कि उसे मामले की सुनवाई का पूरा अधिकार है। बचाव पक्ष ने कोर्ट के क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाया था। कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया था। एजेंसी ने चौहान को चंडीगढ़ से आठ जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया था।
तीन हजार पन्नों की चार्जशीट
प्रवर्तन निदेशालय ने तीन हजार पन्नों की चार्जशीट मनी लांड्रिंग प्रीवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तहत दाखिल की है। एजेंसी का आरोप है कि चौहान ने वीरभद्र सिंह से करीब 5.14 करोड़ रुपये कैश लिया और अपने पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जमा करवाया। इसके बाद वीरभद्र व उनके परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी खरीदकर निवेश कर दिया। बैंक खाते में मोटी रकम जमा होने के कारण वह आयकर विभाग की नजर में आ गया। आयकर विभाग ने चौहान के खिलाफ 2011 में जांच शुरू की थी।