सचिव शैलेश कुमार सिंह ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, पंजाब और नगालैंड के मुख्य सचिवों को पत्र भेजे हैं। इसमें कहा गया है कि पीएमजीएसवाई-एमआईएस और आईएफएमआईएस खातों का एकीकरण इस वर्ष के फंड प्रवाह के लिए जरूरी है। इस पत्र में लिखा गया है कि भारत सरकार ने सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) में एसएनए स्पर्श को लागू करने के आदेश दिए हैं। एसएनए स्पर्श ढांचे के तहत निर्बाध निधि प्रवाह, व्यय ट्रैकिंग और वास्तविक समय रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए यह एकीकरण जरूरी है।
इसे राज्य की ओर से तत्काल सुनिश्चित करने की जरूरत है। वर्तमान में इस एकीकरण को पूरा करने के लिए सीडैक और राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी की ओर से प्रयास चल रहे हैं। पीएमजीएसवाई के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी यानी राज्य ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी (एसआरआरडीए) के साथ समीक्षा बैठक में यह देखा गया है कि बार-बार अनुवर्ती कार्रवाई और प्रयासों के बावजूद एकीकरण प्रक्रिया को सक्षम करने के लिए राज्य में आईएफएमआईएस टीम से जरूरी सहयोग की प्रतीक्षा है। एसएनए स्पर्श रोलआउट समय-सीमा को पूरा करने की तत्कालिकता और महत्व को देखते हुए वह उनसे व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं।