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Monday Meeting: सीएम सुक्खू बोले- होटलों, हिमाचल भवन, विश्राम गृहों में क्यूआर कोड से होगा भुगतान

Mon, 08 Jan 2024 06:30 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अगली राजस्व लोक अदालतें 30 और 31 जनवरी को आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि तकसीम के मामलों की निपटान दर 200 प्रतिशत दर्ज की गई है। 
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सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडे मीटिंग की अध्यक्षता की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल आने वाले पर्यटकों को सहज और यादगार अनुभव देने के लिए बुनियादी पर्यटन ढांचे को विकसित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार के सभी पर्यटन होटलों, हिमाचल भवन, हिमाचल सदन और विभिन्न विभागों के विश्राम गृहों में क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग को पर्यटकों को दी जाने वाली सेवाओं में और सुधार सुनिश्चित करने को भी कहा। सुक्खू ने विभिन्न विभागों की महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें समयबद्ध पूरा करने के भी निर्देश दिए।

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प्रशासनिक सचिवों के साथ मंडे मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से करवाई गई पहली राजस्व लोक अदालत से अब तक 65,000 से अधिक इंतकाल के मामलों का निपटारा किया गया है। इनमें से 11,420 इंतकाल और 1,217 तकसीम के मामले इस वर्ष 4 और 5 जनवरी को तीसरी राजस्व लोक अदालत में निपटाए गए। उन्होंने कहा कि अगली राजस्व लोक अदालतें 30 और 31 जनवरी को होंगी। यह पहली बार है कि तकसीम के मामलों की निपटान दर 200 प्रतिशत दर्ज की गई है।

3 दिसंबर 2023 से 5 जनवरी 2024 तक तकसीम के 1,823 नए मामले निपटारे के लिए आए, जबकि इस अवधि में तकसीम के 3,544 लंबित मामलों का निपटारा किया गया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार लंबित राजस्व मामलों को समयबद्ध निपटाने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है, जिससे राजस्व लोक अदालतों को लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। प्रदेश सरकार लोगों को घर-द्वार पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम और सचिव एम. सुधा देवी, सी. पालरासु, प्रियतु मंडल और सचिव कानून शरत कुमार लगवाल मौजूद रहे।
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लाभार्थी को जमानत राशि के रूप में मात्र 10 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस स्टार्टअप योजना के दूसरे चरण में युवाओं को स्वरोजगार उद्यम शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। युवा 100 किलोवाट, 200 किलोवाट और 500 किलोवाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित कर सकेंगे। योजना में लाभार्थी को जमानत राशि के रूप में मात्र 10 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा, जबकि 70 प्रतिशत बैंक ऋण की सुविधा सरकार की ओर से दी जाएगी और 30 प्रतिशत इक्विटी भी सरकार उपलब्ध करवाएगी।

ई-चार्जिंग स्टेशनों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का पहला चरण शुरू किया है, जिसमें राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए ई-टैक्सी परमिट की पेशकश की गई है। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न स्थानों में स्थापित किए जा रहे ई-चार्जिंग स्टेशनों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य के स्वच्छ पर्यावरण को संरक्षित करने और 31 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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