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आधुनिक तकनीक से साफ होगा अश्वनी खड्ड का पानी, 9 भंडारण टैंक बनाए जाएंगे

Sat, 09 Jun 2018 08:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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सीएम जयराम ठाकुर ने शिमला शहर के लिए विभिन्न जल स्रोतों से जल आपूर्ति के सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के सचिव देवेश कुमार ने बताया कि अश्वनी खड्ड जल स्रोत में कीटाणुओं को मारने के लिए अल्ट्रा वॉयलट तकनीक का प्रयोग किया जाएगा।

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इस तकनीक से पानी का साफ कर पीने योग्य बनाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि शिमला शहर में नौ अतिरिक्त जल भंडारण टैंकों का निर्माण किया जाएगा। इनमें 17 एमएलडी अतिरिक्त पानी का भंडारण किया जा सकेगा।

उन्होंने नगर निगम शिमला के अधिकारियों को पानी का रिसाव रोकने तथा क्रैगनेनों से ढली के बीच सात किलोमीटर लंबी मुख्य जलापूर्ति लाईन को बदलने के कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि जल वितरण की व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए और इस कार्य को संजौली, इंजनघर तथा टुटू वार्डों में शीघ्र करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाबा परियोजना का कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। 

शिमला के लिए 10 एमएलडी अतिरिक्त पानी

उन्होंने कहा कि लाइन विभागों को निकट तालमेल के साथ कार्य करना चाहिए ताकि अवांछित देरी से बचा जा सके तथा लक्ष्यों को तय समय सीमा के भीतर हासिल किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को लघु और दीर्घकालीन योजनाओं पर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकांश कार्य एक वर्ष के भीतर पूरे किए जाए ताकि आगामी गर्मियों के मौसम में शिमला में जल का संकट न हो।

उन्होंने विभिन्न योजनाओं में जल क्षमता को बढ़ाने के लिये कार्यान्वित की जा रही मध्य.कालीन योजनाओं के कार्य में भी तेजी लाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुम्मा, अश्वनी

तथा गिरि नदी जहां से शहर के लिये पानी की आपूर्ति की जा रही है कि क्षमता में वृद्धि करके शिमला के लिए 10 एमएलडी से अधिक अतिरिक्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। 
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निर्माण कार्यों को मंजूरी देने पर 11 को फैसला

अश्वनी खड्ड क्षेत्र में और अधिक ट्यूबवेल स्थापित करने की संभावना का पता लगाया जाएगा तथा गुम्मा और गिरी जल स्रोतों को आने वाले पानी पर चैक डैमों का निर्माण किया जाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव विनीत चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अनिल खाची, तरुण कपूर, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आरके परुथी, शिमला के उपायुक्त अमित कश्यप, नगर निगम शिमला के आयुक्त रोहित जम्वाल सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

शहर में निर्माणकार्यों पर लगी रोक पर 11 जून को फैसला लिया जाएगा। नगर निगम प्रशासन के अनुसार 11 जून को कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई होनी है। इसी दौरान कोर्ट से इन कार्यों को शुरू करने की मंजूरी देने को लेकर अनुमति ली जाएगी। पिछले एक हफ्ते से शहर में हर तरह के निर्माणकार्य पर रोक लगी हुई है। 
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