हिमाचल में आदर्श आचार संहिता पूरी तरह खत्म हो गई है। प्रदेश में विकास कार्यों से लेकर प्रशासनिक निर्णय लेने के लिए अफसर, मंत्री और सरकार पूरी तरह स्वतंत्र हैं। किसी स्तर पर अब कोई बाधा नहीं रही है, जिससे किसी भी प्रकार के निर्णय या कार्य प्रभावित हो पाए।
निर्वाचन आयोग ने प्रदेश सरकार को इसकी सूचना सोमवार को दी। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पांच मार्च को देश भर में आदर्श आचार संहिता लागू हुई थी।
इस कारण सरकार या अन्य सरकारी महकमों की ओर से न तो प्रशासनिक निर्णय लिए जा रहे थे, न ही किसी प्रकार के विकास कार्य हो रहे थे। लगभग डेढ़ माह बाद सोमवार को आदर्श आचार संहिता समाप्त करने की घोषणा की गई।
निर्वाचन आयोग की ओर से आचार संहिता खत्म करने संबंधित आदेश की प्रति सरकार को प्रेषित की गई है। आदेश मिलने के बाद ही सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री से लेकर मुख्यसचिव तक की अलग-अलग मुद्दों पर मैराथन बैठकें चलती रहीं।
अब विभागों के लिए आचार संहिता का बहाना खत्म हो चुका है। अब देखने की बात है कि महकमों की ओर से कितनी तेजी से विकास कार्य करवाए जाते हैं।
चुनाव के दौरान तो महज एक माह में 400 से अधिक प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास भेजे गए थे।