किसानों के परिवार को मिलेगा रोजगार
मनरेगा के तहत होने वाली इस औषधीय पौधों की खेती के दौरान ही किसानों को रोजगार मिलना शुरू हो जाएगा। इस दौरान संबंधित किसान और उसके परिवार को जॉब कार्ड के जरिए अपने ही खेत में औषधीय पौधे लगाने की एवज में मनरेगा के तहत दिहाड़ी भी दी जाएगी। इससे जहां उसके पास भविष्य के लिए औषधीय पौधों से भरा खेत तैयार होगा, वहीं खेती के दौरान ही रोजगार भी मिलेगा। मनरेगा के तहत किसान कैमोमाइल, काली तुलसी, ब्रह्मी, मुलेठी, एलोवीरा, अश्वगंधा आदि औषधीय पौधों की खेती कर सकेंगे।
मनरेगा के तहत किसान औषधीय पौधे रोप सकेंगे। इसके लिए उन्हें एक लाख रुपये तक का बजट जारी होगा। औषधीय पौधों की खेती करने के इच्छुक किसान संबंधित ग्राम पंचायतों में प्रस्ताव डलवा सकते हैं। इसके अलावा खंड विकास अधिकारी कार्यालय में आकर भी औषधीय पौधों की खेती करने बारे आवेदन कर सकते हैं। इसमें 60 फीसदी लेबर और 40 फीसदी औषधीय पौधों और बीज के ऊपर खर्च किया जाएगा। -अभिनीत कात्यायन, बीडीओ, धर्मशाला