एफसीए, एफआरए तथा गिफ्ट डीड का समयबद्ध निराकरण करें अधिकारी
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विधायकों द्वारा उठाई गई समस्याओं एवं शिकायतों को निपटाने में किसी प्रकार की कोताही न बरतें तथा उनके बहुमूल्य सुझावों को उचित अधिमान दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकों द्वारा दी गई योजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के बनने में होने वाले विलंब को कम करने के लिए एफसीए, एफआरए तथा गिफ्ट डीड आदि औपचारिकताओं का समयबद्ध निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित विभाग और उपायुक्त भी अपने स्तर पर हर माह प्राथमिकताओं की समीक्षा करें और इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए।
ई-टैक्सी के लिए पोर्टल तैयार कर पंजीकरण शुरू
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जन कल्याण के लिए ईमानदारी से कार्य कर रही है, जहां महिलाओं, युवाओं, किसानों और कर्मचारियों सहित समाज के सभी वर्गों को उचित सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार परिपाटी से हटकर योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। पिछले एक वर्ष में सरकार ने तीन गारंटियां पूरी कर दी हैं। पहली ही कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन योजना लागू की गई। रोजगार सृजन के दृष्टिगत 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के पहले चरण में ई-टैक्सी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत राज्य सरकार युवाओं को ई-टैक्सी की खरीद पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान कर रही है। ई-टैक्सी से कार्बन उत्सर्जन कम होगा तथा युवाओं को एक निश्चित आय प्रदान करने के लिए सभी सरकारी कार्यालयों में ई-टैक्सियों को अनुंबध आधार पर संचालित किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल तैयार कर पंजीकरण शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा श्रमिकों की दिहाड़ी 212 से बढ़ाकर 240 रुपये की गई है। राज्य सरकार ने 4,000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ स्टेट’ के रूप में अपनाया है। उनके कल्याण के लिए कानून बनाया और मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष की स्थापना कर मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना शुरू की गई। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए दूध के खरीद मूल्य में 6 रुपये की बढ़ोतरी की है। कहा कि पिछले मानसून के दौरान राज्य को इतिहास की सबसे बड़ी आपदा का सामना करना पड़ा। केंद्र सरकार से कोई भी विशेष राहत पैकेज नहीं मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के साथ प्रभावितों के लिए 4500 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज का प्रावधान किया। पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर पर दिए जाने वाले 1.30 लाख रुपये के मुआवजे को साढ़े पांच गुणा बढ़ाकर सात लाख रुपये किया गया है।
जिला ऊना के विधायकों की प्राथमिकताएं
ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने उनके चुनाव क्षेत्र में पुराने कार्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा के दौरान विधायक निधि के नियमों में बदलाव कर रिटेनिंग वॉल आदि के लिए प्रभावितों को धन देने का प्रावधान किया है जिसे जून2024 से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। गगरेट विधानसभा क्षेत्र के विधायक चैतन्य शर्मा ने दौलतपुर चौक महाविद्यालय और स्कूल को अलग-अलग परिसर में स्थापित करने तथा उनके क्षेत्र में नशा माफिया पर लगाम कसने की मांग की। कुटलैहड़ क्षेत्र के विधायक देवेंद्र भुट्टो ने खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाने तथा खेल संघों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग की। उन्होंने बेसहारा पशुओं को सहारा प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाने का भी आग्रह किया।
जिला हमीरपुर के विधायकों की प्राथमिकताएं
भोरंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश कुमार ने सीर खड्ड का तटीयकरण करने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने का मुद्दा उठाया तथा भोरंज स्कूल में बहुउद्देशीय हॉल बनाने की मांग की। हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशीष शर्मा ने हमीरपुर में नए बस अड्डे के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने हमीरपुर में पॉलीक्लीनिक खोलने तथा जिला मुख्यालय में नया मिनी सचिवालय खोलने की मांग की। बड़सर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने किसानों को लाभान्वित करने के लिए क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की। उन्होंने विद्युत आपूर्ति के लिए आधारभूत ढांचा सुदृढ़ करने और सड़कों के साथ उचित निकासी की व्यवस्था करने तथा बिझड़ी में पुलिस थाना खोलने का आग्रह किया।
जिला सिरमौर
पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीना कश्यप ने क्षेत्र में जल शक्ति मंडल खोलने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शिरगुल तथा भूरेश्वर मंदिर के अलावा अन्य पर्यटन स्थलों को विकसित करने की मांग की। उन्होंने सराहां-चंडीगढ़ सड़क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शीघ्र बनाने की मांग की। नाहन विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजय सोलंकी ने क्षेत्र के विकास के लिए 30 करोड़ रुपये की घोषणाएं करने के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. यशवंत सिंह परमार चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा नर्सों के पदों को भरने की मांग की। उन्होंने भूमिहीनों को गृह निर्माण के लिए भूमि आवंटित करने की मांग की।
पांवटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि यमुना नदी की हिमाचल की सीमा तय करने की मांग की, ताकि वहां पर अवैध खनन को रोका जा सके। उन्होंने क्षेत्र के किसानों को टयूबवेल चलाने के लिए बिजली के लंबित कनेक्शन शीघ्र प्रदान करने की मांग की और पांवटा साहिब में पार्किंग की समस्या का समाधान करने का भी आग्रह किया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, योजना सलाहकार डॉ. बसु सूद, प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष, उपायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।