मंडी सदर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा खूब गुस्से में नजर आए। अनिल शर्मा ने कहा कि पिछले साल नाबार्ड के लिए सड़कें जानी चाहिए थीं। केवल उनका ही क्षेत्र ऐसा है, जहां से 2021-22 में एक भी सड़क नाबार्ड से नहीं आई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़कों में स्तरोन्नयन में भी केवल मंडी सदर से 2021-22 में कोई सड़क नहीं आई।
विधायक प्राथमिकता बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश के मंडी सदर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा खूब गुस्से में नजर आए। अनिल शर्मा ने कहा कि पिछले साल नाबार्ड के लिए सड़कें जानी चाहिए थीं। केवल उनका ही क्षेत्र ऐसा है, जहां से 2021-22 में एक भी सड़क नाबार्ड से नहीं आई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़कों में स्तरोन्नयन में भी केवल मंडी सदर से 2021-22 में कोई सड़क नहीं आई। मंडी सदर को ही छोड़ा गया। मुख्यमंत्री सड़क योजना में भी उनके क्षेत्र को महज 25 लाख रुपये दिए गए, कई जगह करोड़ों दिए गए। 200 करोड़ का मंडी शिवधाम प्रोजेक्ट स्वागत योग्य है।
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छोटी काशी के सभी पुराने मंदिरों को सुधारा जाए। मुख्यमंत्री ने मंडी में एयरपोर्ट बनाने का स्वागत है। बात करना और उसे धरातल पर उतारने में समय लगता है। उन्होंने मंत्री रहते हिल टॉप में इसके लिए जगह देखी थी। दोनों ओर से लैंडिंग होगा। यहां 80 से 85 जमीन सरकारी जमीन है। बाकी ही निजी है। छह-सात करोड़ रुपये की जमीन की लागत से बच सकते हैं। यहां धुंध भी नहीं गिरती है। अनिल शर्मा जयराम सरकार में मंत्री रहे हैं। बेटे आश्रय शर्मा के कांग्रेस में जाने के बाद उे विवाद के बाद वह इस पद से हट गए थे।