इससे पूर्व विधायक बलवीर सिंह, रमेश धवाला, हर्षवर्द्धन चौहान, विक्रम सिंह जरियाल, जगत सिंह नेगी, सुखविंद्र सिंह सुक्खू, कमलेश कुमारी, इंद्र्रदत्त लखनपाल, मोहन लाल ब्राक्टा, सुभाष ठाकुर, किशोरी लाल, रामलाल ठाकुर और सुखराम चौधरी ने पंचायतों में विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि का सदुपयोग करने और भ्रष्टाचार को रोकने को विभाग की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की।
शिमला। पंचायतीराज मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इसी साल पंचायत सचिवों के 300 पद भरने का फैसला लिया है। अन्य श्रेणियों के पदों को भी भरने के लिए सरकार के प्रयास जारी रहेंगे।मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार में फंसने वाले पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों को बचाने के लिए विधायक सिफारिश लेकर न आएं तो व्यवस्थाएं अपने आप सुधर जाएंगी।