विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि हिमाचल भाजपा की सदस्यता कभी भी ली जा सकती है। जिसने आगे चुनाव लड़ना है, उसे ही इसे लेना होता है। अनिल शर्मा ने भाजपा की सदस्यता को भी रिन्यू नहीं करवाया है। इसकी अंतिम तिथि 20 अगस्त तक बढ़ाई गई है।
मंत्री रहते भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार से किया था इंकार
पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम के बेटे अनिल शर्मा ने अपने बेटे आश्रय शर्मा को मंडी से कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार से इंकार किया था। उन्होंने कहा था कि वह बेटे के खिलाफ प्रचार नहीं कर पाएंगे और न ही अपने बेटे के साथ प्रचार में जाएंगे। उस समय अनिल शर्मा जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री थे। बाद में उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया था।
भाजपा विधायक हैं अनिल, क्यों नहीं बुलाया मालूम करेेंगे : भारद्वाज
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि अनिल शर्मा वर्तमान में भाजपा के ही विधायक हैं। उन्हें क्यों भाजपा विधायक दल की बैठक का बुलावा नहीं मिला, इसके बारे में मालूूूम किया जाएगा। वैसे जब तक अनिल शर्मा को नोटिस नहीं गया या उन्होंने खुद इस्तीफा नहीं दिया, तब तक उन्हें खुद को भाजपा में ही मानना चाहिए। अभी तक भाजपा ने कोई कार्रवाई नहीं की है।