शिक्षा विभाग की ओर से पांचवीं कक्षा के छात्रों को जारी किए गए व्याकरण में गलतियों की भरमार है। किताब छात्रों को लगभग ढाई माह देरी से मिली है। बावजूद इसमें गलतियों का खुलासा होने से शिक्षा विभाग पर सवाल उठ रहे हैं।
हर वर्ष अप्रैल माह में मिलने वाली किताब जून माह के अंत में छात्रों को मिली है। इसमें रावी नदी को कुल्लू जिला में बताया गया है, जबकि रावी नदी चंबा जिले से निकलती है। शिक्षा विभाग भी इन गलतियों को मान रहा है। शिक्षा विभाग गलतियों का कारण पुस्तक प्रकाशन बता रहा है।
प्रकाशन में हुई गलती की वजह से यह गलतियां किताब में गई हैं। इसको सुधारने के लिए शिक्षा निदेशालय शिमला ने प्रदेश में जिला स्तर पर सभी प्रारंभिक शिक्षा विभाग को सूचना दी है। प्रत्येक स्कूल को गलतियां अपने स्तर पर सुधारने को कहा गया है। व्याकरण पुस्तक छात्रों को मिलने के कुछ दिन बाद ही ग्रीष्मकालीन छुट्टियां पड़ गई हैं। अभी तक छात्र इसे पढ़ भी नहीं सके हैं।
शिमला निदेशालय को इससे संबंधित सूचना दी गई है। जिला स्तर पर प्रारंभिक शिक्षा विभाग को सूचना देकर गलतियां सुधारने को कहा गया है।
-विनय कुमार, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड
शिमला निदेशालय से नोटिस विभाग को मिला है। जिसमें सभी स्कूलों को गलतियां सुधारने को कहा गया है। स्कूलों को भी इसकी सूचना भेजी जा रही है।
- इंद्रजीत सिंह, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा हमीरपुर