पहली, स्टेडियम के निर्माण को लीज पर देने में अनियमितता बरतने और दूसरी एफआईआर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण से संबंधित थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भूलवश दूसरी एफआईआर को भी रद्द कर दिया था।
अनुराग ठाकुर की ओर से पेश वकील पीएस पटवालिया ने कहा कि आदेश को वापस लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मुख्य एफआईआर को पहले ही निरस्त किया जा चुका है।
दूसरी एफआईआर शिक्षा विभाग के स्टाफ क्वार्टर को गैरकानूनी तरीके से तोड़ने से संबंधित है, लेकिन हकीकत यह है कि शिक्षा सचिव ने एनओसी दी हुई थी और शिक्षा मंत्री ने उस पर मुहर भी लगा दी थी।