नालदेहरा कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के तहत आता है और यहां से कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह हैं। महिलाओं की दिन प्रतिदिन अच्छी आमदनी हो रही थी। इस वजह से यहां राजनीति भी शुरू हो गई। विवाद शुरू हुआ और मामला प्रशासन के द्वार पहुंचा, यहां से वैन को तुरंत हटाने की मांग की।
प्रदेश सरकार की ओर से स्वयं सहायता समूह को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दी हिम अन्नपूर्णा फूड वैन को शरारती तत्वों ने तोड़ डाला। नालदेहरा में खड़े इस वाहन के शीशे कुछ लोगों ने तोड़ डाले। घटना के बाद स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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मामला शिमला ग्रामीण और कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के बीच फंस कर रहा गया। जिसका खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। स्वयं सहायता समूह की इन महिलाओें का ताल्लुक कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य के विस क्षेत्र शिमला ग्रामीण से है। दी हिम अन्नपूर्णा फूड वैन में व्यंजन तैयार कर महिलाएं जिला प्रशासन की सहमति से नालदेहरा में बेचती थीं।
नालदेहरा कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के तहत आता है और यहां से कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह हैं। महिलाओं की दिन प्रतिदिन अच्छी आमदनी हो रही थी। इस वजह से यहां राजनीति भी शुरू हो गई। विवाद शुरू हुआ और मामला प्रशासन के द्वार पहुंचा, यहां से वैन को तुरंत हटाने की मांग की। इससे पहले की प्रशासन कोई फैसला कर पाता अज्ञात लोगों ने सरकारी फूड वैन को तोड़ डाला। पुलिस अभी तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा पाई। फूड वैन सड़क किनारे खड़ी है।
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एसएचजी प्रधान रीमा वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 2020 में सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के तहत बसंतपुर खंड की नीन पंचायत की स्वयं सहायता समूह को आजीविका बढ़ने के लिए एक फूड वैन दे रखी है। शुरुआत में महिलाओं ने कसुपम्टी स्थित एसआरएलएम निदेशालय में वैन से पहाड़ी व्यंजन परोस कर आजीविका चलाई।
इस बीच लॉकडाउन लग गया। ऐसे में महिलाओं के लिए रोजगार का संकट खड़ा हो गया। कुछ महीनों बाद समूह की महिलाएं वैन को पर्यटन स्थल नालदेहरा ले गईं और सड़क किनारे खड़ा कर रोजगार शुरू किया। डीसी आदित्य नेगी ने कहा कि मामला ध्यान में आने के बाद बीडीओ बंसतपुर और बीडीओ मशोबरा को मामला सुझाने के लिए कहा है।
दूसरी पंचायत की हैं महिलाएं : अनिरुद्ध
विधायक अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि जो महिलाएं यहां व्यवसाय कर रही थीं वह दूसरी पंचायत की थीं। किसी भी जगह व्यवसाय करने के लिए संबंधित पंचायत का अनापत्ति पत्र लेना जरूरी है जो इनके पास नहीं था। दूसरी जगह से यहां आकर कोई व्यवसाय करें तो यहां के लोग कहां जाएं।