हिमाचल के लाहौल घाटी के बिलिंग में खुदाई के दौरान जमीन से अष्टधातु का एक प्राचीन शिवलिंग मिला है। ये शिवलिंग चमत्कारी माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद ये अपने आप रंग बदल रहा है।
शिवलिंग के साथ जमीन से प्राचीन शिव की मूर्ति और शेषनाग भी निकला है। यहां के जानकार पंडितों का दावा है कि शिव की ये मूर्ति व शिवलिंग बेहद दुर्लभ है।
एसपी लाहौल जी शिवा कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है और मौके पर पुलिस टीम भेजी जा रही है।
देव खेल में खुला शिवलिंग का राज
एचआरटीसी केलांग डिपो में तैनात पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक मंगल चंद मानेपा के योरजंग स्थित घर की दीवार के साथ जमीन में एक पंडित के निर्देश पर खुदाई की गई। इस दौरान अष्टधातु की ये प्राचीन मूर्तियां मिलीं।
गलचंद मानेपा के मुताबिक उनके न्योते पर उनके घर पहुंचे पंडित ने देव खेल में बताया कि घर की उत्तर दिशा में जमीन के भीतर कुछ दुर्लभ वस्तुएं दबी हैं। जब जमीन की खुदाई की गई तो लगभग डेढ़ फुट नीचे अष्टधातु से बनी शिव की मूर्ति, शेषनाग और शिवलिंग निकला।
मंगलचंद ने बताया कि पंडित के आदेश के बाद वह घर के साथ ही भगवान शिव का मंदिर स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।
दर्शनों के लिए लग रहा जमावड़ा
शिवलिंग मिलने की खबर के बाद पूरे क्षेत्र से लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। फिलहाल इस शिवलिंग को स्थानीय निवासी मंगलचंद के घर प्रतिष्ठा कर दर्शनों के लिए रखा है। मूर्तियों को देखने के लिए लोगों का जमावड़ा लग रहा है।
माना जा रहा है कि कई दशकों से ये मूर्तियां जमीन में दफन थीं। अष्टधातु की होने से ये काफी कीमती भी हैं। इनकी बनावट को देखकर पता लगाया जाएगा कि आखिर किस कलाकृति में इनका निर्माण किया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी देवभूमि में कई जगह खुदाई के दौरान सोने चांदी के आभूषण और देवी देवताओं की मूर्तियां मिल चुकी हैं।