पोस्ट मैट्रिक माइनॉरिटी और मेरिट छात्रवृत्ति के लिए अब अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थी स्वप्रमाणित सर्टिफिकेट दे सकेंगे। हिमाचल सरकार ने केंद्र के साल 2014 में जारी आदेश सूबे में लागू कर दिए हैं।
अब मुस्लिम, ईसाई, सिख, पारसी, बौद्ध और जैन समुदायों के विद्यार्थियों को अल्पसंख्यक समुदाय प्रमाणपत्र जुटाने के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को इस संदर्भ में निर्देश जारी कर दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी ने निदेशालय के समक्ष प्रदेश में केंद्र सरकार के आदेश लागू नहीं होने का मामला उठाया था। मामला केंद्र के पास पहुंचने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को इस बाबत प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के सचिवों और रजिस्ट्रारों को निर्देश जारी कर विद्यार्थियों को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र देने की अनिवार्यता को समाप्त कर सेल्फ अटेस्टेड प्रमाणपत्र लेने को कहा है।
अब हिमाचल के किसी भी सरकारी या निजी उच्च शिक्षा संस्थान में अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थी स्वयं सत्यापित किया गया अल्पसंख्यक समुदाय प्रमाणपत्र दे सकेंगे।
- डॉ. अमरजीत शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक