चार साल के दौरान कुल 2772 शिक्षण संस्थानों को छात्रवृत्ति वितरित की। इसमें 2506 सरकारी संस्थान और 266 निजी शिक्षण संस्थान शामिल रहे। निजी संस्थानों को 210 करोड़ और सरकारी संस्थानों को 56 करोड़ की राशि दी गई।
इस रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा विभाग से अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थी विद्यार्थियों की अलग से सूची तलब की है। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ केंद्र सरकार ने शिक्षण संस्थानों की जानकारी भी अलग से मांगी है।
बताया जा रहा है कि करीब साढ़े 31 हजार अनुसूचित जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई है। अब इनके नाम और पते का ब्यौरा एकत्र करने में विभाग जुट गया है। उधर, प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की बात कही है।