फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: विवादित टिप्पणी पर मंत्री विक्रमादित्य ने स्पष्ट की स्थिति, बोले- हमारे लिए हिमाचल के हित सर्वोपरि

Tue, 13 Jan 2026 03:14 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

 लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर की गई एक विवादित टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। 
विज्ञापन
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपनी पोस्ट पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मंगलवार को कहा कि उनके लिए हिमाचल के 75 लाख लोगों के हित सर्वोपरि हैं। जनता के हितों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश में सेवाएं देने आने वाले सभी अधिकारियों का वह स्वागत करते हैं, लेकिन अधिकारियों को भी लोगों के हितों का ध्यान रखना होगा। उन्होंने किसी अधिकारी का नाम लिए बगैर कहा कि केंद्र से जो पैसा आता है, उसमें बंदरबांट नहीं होनी चाहिए।

विज्ञापन


Trending Videos

मंत्री ने कहा कि डिप्टी सीएम ने मंडी रैली में जो मुद्दा उठाया है, उसके पीछे ठोस कारण हैं और इस विषय को जरूरत पड़ने पर उचित मंच और उच्च स्तर पर भी उठाया जाएगा। इसमें किसी के साथ व्यक्तिगत रंजिश का सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष भी विधानसभा में यही बात कह चुके हैं। यह उल्लेखनीय है कि विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार रात को यूपी और बिहार के कुछ आला आईएएस और आईपीएस अधिकारियों पर टिप्पणी के साथ फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी। इसमें लिखा कि यूपी व बिहार के आला आईएएस व आईपीएस अधिकारी हिमाचलियत की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्हें हिमाचल से कोई ज्यादा सरोकार नहीं है। समय रहते हुए उनसे निपटने की आवश्यकता है। नहीं तो हिमाचल के हित निपट जाएंगे। वह बाहर के अधिकारियों का सम्मान करते हैं, मगर उन्हें हिमाचली अधिकारियों से सीख लेने की जरूरत है। जब तक हिमाचल में हो, वे हिमाचल के लोगों की सेवा करें। शासक बनने की गलती न करें।

विज्ञापन

मंत्री ने सोशल मीडिया पर की थी ये टिप्पणी
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर की गई एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया है। अपने पोस्ट में उन्होंने मंडी में उपमुख्यमंत्री के भाषण का समर्थन करते हुए कहा कि कुछ बाहरी राज्यों, विशेषकर यूपी-बिहार के आला आईएएस/आईपीएस अधिकारी हिमाचल में “हिमाचलियत की धज्जियां उड़ा रहे हैं”। उन्हें हिमाचल से कोई ज्यादा सरोकार नहीं है। समय रहते हुए उनसे निपटने की आवश्यकता है नहीं तो हिमाचल के हित निपट जाएंगे। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हम बाहर के राज्य के अधिकारियों का पूर्णतया सम्मान करते है पर उन्हें हिमाचली अधिकारियों से सीख लेने की आवश्यकता है, हिमाचल के हित के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक हिमाचल में हों हिमाचल के लोगों की सेवा करो, शासक बनने की गलती ना करो। इस टिप्पणी के सामने आते ही इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे हिमाचल के हितों की पैरवी बता रहे हैं, जबकि कई इसे अधिकारियों के बीच क्षेत्रीय विभाजन पैदा करने वाला बयान मान रहे हैं। इस पोस्ट पर खूब कमेंट आ रहे हैं। अपनी इस पोस्ट के साथ विक्रमादित्य सिंह ने जय श्रीराम और जय हिंद भी लिखा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें