मेरे भाई महेश्वर सिंह ने हमेशा मुझसे दगाबाजी की है। यह शब्द शनिवार को आयुर्वेद एवं सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह ने कुल्लू में पत्रकार वार्ता के दौरान कहे। कहा कि मेरे महेश्वर सिंह आज यह कह रहे हैं कि कर्ण सिंह को मैंने अंगुली पकड़कर राजनीति सिखाई है। अब मैं बड़े भाई हिलोपा प्रमुख महेश्वर सिंह से पूछना चाहता हूं कि वर्ष 2003 में मंत्री होते हुए बंजार विधानसभा क्षेत्र से मेरा टिकट किसने काटा?
कहा कि मैं बंजार से उस समय भाजपा सरकार में सिटिंग मंत्री था। मेरे बड़े भाई मंडी संसदीय क्षेत्र से एमपी थे। टिकट चयन कमेटी में सदस्य भी थे। बड़े भाई ने मेरे टिकट की पैरवी नहीं की और बंजार से मंत्री होते हुए मेरा टिकट काट दिया गया था। उन्होंने उस समय बहाना बनाया था कि मुझे अपने पोते के मुंडन संस्कार में जाना पड़ रहा है और वहां मौजूद न रहकर मेरा टिकट काट दिया गया।
मंत्री बनने में भी अड़ाया अड़गा
इस कारण मुझे कुल्लू विधानसभा क्षेत्र भेज दिया गया। 12 दिन में मुझे जनता ने 12 हजार वोट दिए। कर्ण सिंह ने दूसरा सवाल उठाया कि वर्तमान में मंत्री बनने से ढाई वर्षों तक मुझे किसने रोका। कहा कि मेरा मंत्रिमंडल की सूची में पांचवां नंबर था, लेकिन मेरे बड़े भाई अड़ंगा बन गए और सरकार को समर्थन देने को लेकर मेरा मंत्री पद ही छीन लिया।
मैं मंत्री पद से बाहर हो गया था और मेरे बड़े भाई चोला टोपा कलगी लगाकर सरकार बनने के जश्न में शिमला में नाचते रहे। आज मैं बंजार विधानसभा क्षेत्र का विधायक हूं और हिमाचल सरकार में मंत्री हूं। मेरे बड़े भाई ने मेरे बेटे के खिलाफ अपना पुत्र चुनाव मैदान में उतारा है। उन्होंने कहा कि बेटे आदित्य को मैंने चुनावी मैदान में नहीं उतारा, बल्कि कांग्रेस पार्टी ने उतारा है। मेरे बड़े भाई को अपने पुत्र को अपने विधानसभा क्षेत्र कुल्लू के किसी ओपन वार्ड से चुनावी मैदान में उतारना चाहिए था।