कृषि एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने लाहौल-स्पीति के लिए हेलीकाप्टर उड़ानें नहीं भरे जाने पर खूब तल्खी दिखाई। अपने सचिवालय स्थिति कार्यालय में उन्होंने ‘अमर उजाला’ में छपी खबर दिखाते हुए जीएडी को सख्त नसीहत दे डाली कि ऐसा नहीं होना चाहिए।
शुक्रवार सुबह तिंगरेट हेलीपैड में बर्फ में स्ट्रेचर और पीठ पर रखकर मरीज लाए गए, मगर लंबे इंतजार के बाद भी यहां हेलीकाप्टर ने उड़ान नहीं भरी, जबकि मारकंडा ने खुद सीएम से बात करके जीएडी को उड़ानें भरने के आदेश करवाए थे।
बर्फबारी के कारण मंत्री के हलके लाहौल स्पीति में सड़कों की खस्ताहालत के कारण यातायात ठप है। जनजातीय विकास मंत्रालय से मिलने वाली आर्थिक मदद से इन क्षेत्रों के लिए रियायती दरों पर हेलीकॉप्टर सुविधा देती है।
लाहौल-स्पीति, पांगी भरमौर और किन्नौर में यह सुविधा दी जाती है। शुक्रवार को मरीजों को स्ट्रेचर और पीठ पर ले जाने की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से छापी गई, जिसके बाद मंत्री डॉ. मारकंडा जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के लिए सरकारी हेलीकाप्टर की उड़ान नहीं होने से खासे चिंतित रहे।
खबर पढ़ने के बाद मंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों को अपने पास तलब किया। उन्होंने उन्हें सख्त हिदायत देते हुए लाहौल घाटी के लिए हेलीकाप्टर उड़ान सुनिश्चित करने को कहा। यह जनजातीय क्षेत्र सर्दियों में बर्फ से ढका है, मगर बीते कुछ वक्त से सरकार की ओर से तय कार्यक्रम के मुताबिक लाहौल घाटी के लिए हेलीकाप्टर की उड़ानें नहीं हो रहीं।
कुल्लू में भी करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोग लाहौल घाटी जाने के लिए हेलीकॉप्टर का इंतजार कर रहे हैं। मौसम खराब होने से भी हेलीकाप्टर उड़ाने बाधित रहीं। शनिवार शाम के वक्त मंत्री डॉ. मारकंडा कहते हैं कि हेलीकाप्टर उड़ानें शुरू कर दी गई हैं। अब लोग पांगी के रास्ते लाहौल जाने लगे हैं।