इम्पावर्ड कमेटी के दिशा निर्देशों के अनुसार निगम द्वारा एल वन पार्टी के साथ नेगोशिएशन की गई। नेगोशिएशन के बाद जो दरें प्राप्त हुई, उन्हें पहली अगस्त को शिक्षा सचिव को स्वीकृति के लिए भेजा गया। शिक्षा सचिव ने मामले की फाइल 14 अगस्त को शिक्षा मंत्री को भेजी।
14 अगस्त के बाद से मामला ठंडे बस्ते में पड़ रहा। बीते माह हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने वर्दी खरीद में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जताते हुए अफसरों को जल्द फैसला लेने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री की फटकार के बाद भी अफसरशाही नहीं जागी।
मंगलवार को दोबारा से मामला मंत्रिमंडल की बैठक में लाया गया। जहां सरकार ने पुरानी प्रक्रिया को रद्द करते हुए नए सिरे से खरीद को मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल ने नए सिरे से साल 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के लिए खरीद करने के आदेश दिए हैं।