नाम न छापने की शर्त पर सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हर साल प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार से मिली राशि का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट देना पड़ता है। पिछले दो साल का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा ही नहीं है।
ऐसे में केंद्र ने भी बजट रोक दिया है। छात्रवृत्ति घोटाले के सामने आने के बाद केंद्र न तो प्रदेश सरकार को बजट दे रहा है और न ही प्रदेश सरकार ने केंद्र से इस मामले को उठाया है। ऐसे में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी है।
स्कॉलरशिप की राशि पात्र विद्यार्थियों के खाते में सीधे डाली जाती है। संस्थानों से कहा गया है कि इसके लिए फूलप्रूफ व्यवस्था की जाए, ताकि पहले की तरह कोई गड़बड़ी न हो। इसके बारे में संस्थानों को कें द्र और राज्य सरकार को पहले संतुष्ट करना होगा। इसके बाद ही स्कालरशिप जारी होगी। - डॉ. अरुण कुमार शर्मा, शिक्षा सचिव