ऐसे में दिल्ली में टेंडर सवाल खड़े कर रहा है। जिस कंपनी को टेंडर दिया गया, उसने पहले ही साइट पर भूमि पूजन कर दिया था। कंपनी को कैसे पता था कि टेंडर उसे ही मिलने वाला है। टेंडर में करोड़ों ता गोलमाल हुआ है।
उन्होंने सरकार से इसकी जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय भाजपा हाइड्रो कॉलेज की कक्षाएं बिलासपुर में शुरू करने के लिए हल्ला करते रही। अब भाजपा की सरकार बनने के बाद भी कक्षाएं बिलासपुर में शुरू नहीं हो पा रही हैं।