फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान! आपके दूध में है मिलावट, जानिए कैसी

Mon, 05 Jan 2015 12:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
अगर आप दूध, घी या मक्खन खाकर अपनी और अपने परिवार की सेहत बनाने की सोच रहे हैं तो सावधान। इनकी पौष्टिकता और गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। दूध गुणवत्ता की कसौटी पर खरा नहीं उतर रहा।
विज्ञापन


इसका खुलासा प्रदेश भर में जगह-जगह से लिए नमूनों की जांच से हुआ है। दूध में सॉलिड नॉट फैट की बड़ी कमी पाई गई है। इस कमी को पूरा करने को दुग्ध उत्पादक मिलावट कर रहे हैं।

अब राष्ट्रीय डेयरी डेवेलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) यह छानबीन करेगा कि सॉलिड की यह कमी क्यों है। बोर्ड गायों, चारे और दुग्ध एकत्रीकरण की छानबीन करेगा। पशुपालन मंत्री अनिल शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
विज्ञापन


हिमाचल में मिल्कफेड से 1000 से ज्यादा सहकारी सभाएं जुड़ी हैं। ये सहकारी सभाएं लाखों दुग्ध विक्रेताओं से दूध एकत्र करती हैं। मिल्कफेड के इस दूध और इससे बने दुग्ध उत्पादों का प्रदेश भर में इस्तेमाल होता है।

इसके अलावा लोग स्थानीय स्तर पर भी दुग्ध उत्पादन कर इसका विक्रय कर रहे हैं। दूध की घरेलू खपत भी बहुत ज्यादा है।

दूध में होना चाहिए 8.5% सॉलिड नॉट फैट

पशुपालन मंत्री अनिल शर्मा ने कहा है कि यह देखा गया है कि हिमाचल में दूध का उत्पादन बेशक अच्छा हो रहा है, बावजूद इसके गुणवत्ता अच्छी नहीं है। दूध में 4 प्रतिशत फैट और 8.5 प्रतिशत सॉलिड नॉट फैट होना चाहिए।

फैट तो अच्छा यानी 4.5 प्रतिशत तक पाया जा रहा है, मगर सॉलिड तय अनुपात से कम पाया जा रहा है। अधिकतर नमूनों में यह 7.2 प्रतिशत के आसपास ही है। उन्होंने कहा कि इससे दुग्ध उत्पादकों को अच्छे रेट नहीं मिल पा रहे हैं।

हिमाचल में पशुओं को लावारिस छोड़ने पर ग्राम पंचायतें जुर्माना लगा सकेंगी। राज्य सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी किए हैं कि वे पशुओं को लावारिस छोड़ने पर सख्ती से निपटें।

पहले 300 और दूसरी बार पशु को लावारिस छोड़ने पर 500 रुपये जुर्माना होगा। पंचायती राज एवं पशुपालन मंत्री अनिल शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
विज्ञापन

हाइकोर्ट के आदेशों की अनुपालना होगी

उन्होंने कहा कि हिमाचल हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के लिए ये कदम उठाया गया है। हर परिवार के मुखिया को पशुओं की संख्या में कोई परिवर्तन होने पर लिखित या मौखिक रूप से इसकी जानकारी संबंधित पंचायत प्रधान या सचिव को देनी होगी।

पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि सॉलिड बढ़ाने के लिए लोग दूध में पाउडर की भी मिलावट करने लगे हैं। हिमाचल के दूध में आखिर सॉलिड क्यों नहीं निकल पा रहा है?

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें