बर्फानी तेंदुए को बचाने के लिए शुरू हुई कार रैली का मनाली में समापन हो गया है। 23 जून को चंडीगढ़ से शुरू हुई रैली मनाली, अटल टनल रोहतांग, लाहौल, जांस्कर से होकर लेह पहुंची। लेह से मनाली में इसका समापन हो गया है। दस दिन तक चली इस रैली में 14 वाहनों में करीब 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया। बर्फ से लकदक चोटियों और पहाड़ियों से होकर गुजरी रैली का सफर रोमांच भरा रहा। कार रैली की अगवाई टीम प्रभारी ईशान भागरा, सुधीर कुमार, निखिल वर्मा और सिद्धार्थ ने की।
इन्होंने कहा कि रैली में राजस्थान, पंजाब, गुजरात, हरियाणा और चंडीगढ़ के कार राइडर्स शामिल थे। इस दौरान बर्फानी तेंदुए को बचाने का संदेश लोगों को दिया गया। 23 जून को शुरू हुई यह रैली चंडीगढ़ से मनाली होकर पदुम, लेह और पेंगोंग से वापस मनाली पहुंची। उन्होंने बताया कि रैली चुनौतीपूर्ण थी। पदुम में उनके कुछ साथियों को ऑक्सीजन स्तर में कुछ गिरावट का सामना करना पड़ा। निखिल वर्मा ने बताया कि उनकी रैली ऐसे इलाके से होकर गुजरी जहां से पैदल सफर करना भी चुनौती रहता है।