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हिमाचल: विलय किए गए ब्वॉयज-गर्ल्स स्कूल नहीं होंगे बंद, पूर्व की तरह संचालित रहेंगे परिसर

Fri, 20 Feb 2026 10:19 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 राजकीय ब्वॉयज और गर्ल्स स्कूलों के विलय के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर स्कूल शिक्षा निदेशालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया के तहत किसी भी विद्यालय को बंद नहीं किया जा रहा है। 
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सरकारी स्कूल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में चयनित राजकीय ब्वॉयज और गर्ल्स स्कूलों के विलय के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर स्कूल शिक्षा निदेशालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया के तहत किसी भी विद्यालय को बंद नहीं किया जा रहा है। यह कदम महज एक प्रशासनिक और शैक्षणिक सुधार है, जिसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना है। निदेशालय के अनुसार विलय के बाद संबंधित स्कूलों की आधारभूत संरचना, शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ को एक ही प्रधानाचार्य के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया जा रहा है। इससे अकादमिक निगरानी मजबूत होगी, स्टाफ के बीच समन्वय बेहतर होगा और पढ़ाई-लिखाई के मानकों में एकरूपता आएगी। विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

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स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि विलय के बाद भी दोनों स्कूल परिसर पूर्व की तरह संचालित होते रहेंगे। कक्षाओं के संचालन को लेकर निदेशालय की ओर से अलग से कार्यप्रणाली और दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। स्थानीय जरूरत और उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर कक्षाओं का विभाजन किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर एक परिसर में बालवाटिका से आठवीं तक तथा दूसरे परिसर में नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं। इस व्यवस्था से कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, खेल मैदानों और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित होगा। साथ ही एक ही स्तर की कक्षाओं को अलग-अलग परिसरों में चलाने से होने वाली पुनरावृत्ति और भीड़भाड़ से भी बचा जा सकेगा। शिक्षा निदेशक ने कहा कि जिन विद्यालयों को सीबीएसई संबद्धता प्रदान की गई है, वह पूर्व में अलग-अलग संचालित ब्वॉयज और गर्ल्स स्कूलों के संयुक्त ढांचे, संसाधनों और स्टाफ के आधार पर दी गई है।

पंजीकरण के समय सीबीएसई के सारस 6.0 पोर्टल पर दोनों संस्थानों के संयुक्त संसाधनों का विवरण प्रस्तुत किया गया था और संबद्धता मानकों का आकलन उसी आधार पर किया गया। शिक्षा निदेशक ने कहा कि नई संस्थागत व्यवस्था के अनुरूप विभाग शैक्षणिक व स्टाफिंग से जुड़े मामलों की समीक्षा कर रहा है। विषयवार आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सीबीएसई से संबद्ध विलयित स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। यह प्रक्रिया पूर्णत: प्रशासनिक एकीकरण है। दोनों परिसरों को एक प्रधानाचार्य के अधीन लाने से शैक्षणिक योजना बेहतर बनेगी, निगरानी प्रभावी होगी और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि निदेशालय दोनों परिसरों में कक्षाओं के संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश अंतिम रूप दे रहा है, ताकि सरकारी संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो और छात्रों को सुव्यवस्थित वातावरण में शिक्षा मिल सके।
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दोनाें परिसर पूरी तरह से रहेंगे कार्यरत : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि स्कूलों का विलय एक सुविचारित सुधार है, जिसका मकसद सरकारी शिक्षा को मजबूत करना है। कोई भी स्कूल बंद नहीं किया जा रहा है और दोनों परिसर पूरी तरह से कार्यरत रहेंगे। उपलब्ध संसाधनों और स्टाफ का बेहतर उपयोग कर सीखने के परिणामों में सुधार लाना सरकार की प्राथमिकता है।
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