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नशे के खिलाफ जागरूकता को प्रदेश में चलेगा महाभियान, सीएम ने किया एलान

Fri, 31 Aug 2018 10:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में नशे को जड़े से समाप्त करने के लिए बड़े पैमान पर अभियान शुरु किया जाएगा। इसके तहत कानून को और सख्त करने की आवश्यकता हुई तो केंद्र सरकार से मामला उठाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को सदन में विधायक कर्नल इंद्र सिंह द्वारा लाए गए संकल्प प्रस्ताव के जवाब में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल कालेजों में एक विषय जोड़ने मात्र से ही यह खत्म नहीं होगा। इसके लिए पहले हमें अपने घरों से ही लड़ाई शुरू करने की जरूरत है।

सीएम ने कहा कि आगे बढ़ते हुए आज लोगों ने अपने जीवन मूल्यों को भी पीछे छोड़ दिया है और उसका परिणाम ये है कि सामाजिक पतन शुरू होने लगा है। कहा कि समाज में खुलेपन ने समाज को ऐसे गर्त की तरफ  धकेल दिया है कि अब इस बदलाव ने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
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कहा कि अब समय आ गया है कि परिवार इस समस्या को लेकर पहल कर इसके निदान के लिए प्रयास शुरू करे। उन्होंने कहा कि हिमाचल की स्थिति बाकी राज्यों से कुछ बेहतर है लेकिन नशे को जड़ से खत्म करना लक्ष्य बनाया जाना चाहिए।

इससे पहले विधायक इंद्र सिंह ने गैर-सरकारी सदस्य दिवस पर समाज में बढ़ते नशे के प्रयोग और युवाओं को इसके दुष्प्रभाव से जागरूक करने के लिए प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि प्रदेश की 25 प्रतिशत युवा नशे की चपेट में है। 

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एक तिहाई मामलों में बाहरी राज्यों के तस्कर

कहा कि पड़ोसी राज्य से अब प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी भी हो रहीं है। उन्होंने युवा वर्ग को नशे से दूर रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्पोर्ट्स काम्पलेक्स खोलने का सुझाव दिया।

इसके बाद रामलाल ठाकुर, अरुण कुमार्र, राजेंद्र राणा, परमजीत सिंह पम्मी, रीता धीमान, विक्रमादित्य सिंह और अरुण शौरी ने अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि प्रदेश में अभी तक के मामले में करीब एक हजार मामले दर्ज हैं।

उन्होंने कहा कि इन मामलों में बाहरी राज्यों से जुड़े लोगों पर ही एक तिहाई मामले दर्ज हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से साथ राज्यों के बीच इस विषय को लेकर पड़ोसी राज्यों के बीच इस पर काबू पाने के प्रयास शुरू किया गए हैं।

जिसके परिणामस्वरूप आज इन राज्यों के बीच नशे के खिलाफ अभियान शुरू किये जा रहे हैं और नशा तस्करों के खिलाफ  सख्ती और जानकारी का आदान प्रदान शुरू किया जा रहा है। कहा कि पंजाब में तो हालात और भी खराब है, ऐसे में हिमाचल की हालत फिर भी खराब है।
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