कहा कि पड़ोसी राज्य से अब प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी भी हो रहीं है। उन्होंने युवा वर्ग को नशे से दूर रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्पोर्ट्स काम्पलेक्स खोलने का सुझाव दिया।
इसके बाद रामलाल ठाकुर, अरुण कुमार्र, राजेंद्र राणा, परमजीत सिंह पम्मी, रीता धीमान, विक्रमादित्य सिंह और अरुण शौरी ने अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि प्रदेश में अभी तक के मामले में करीब एक हजार मामले दर्ज हैं।
उन्होंने कहा कि इन मामलों में बाहरी राज्यों से जुड़े लोगों पर ही एक तिहाई मामले दर्ज हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से साथ राज्यों के बीच इस विषय को लेकर पड़ोसी राज्यों के बीच इस पर काबू पाने के प्रयास शुरू किया गए हैं।
जिसके परिणामस्वरूप आज इन राज्यों के बीच नशे के खिलाफ अभियान शुरू किये जा रहे हैं और नशा तस्करों के खिलाफ सख्ती और जानकारी का आदान प्रदान शुरू किया जा रहा है। कहा कि पंजाब में तो हालात और भी खराब है, ऐसे में हिमाचल की हालत फिर भी खराब है।