शिमला व्यापार मंडल की बैठक में तहबाजारियों को उचित स्थान पर स्थानांतरित करने की उठाई मांग
बैठक में विधायक हरीश जनारथा रहे मौजूद, कारोबारी बोले-तहबाजारियों से दुकानों की पहचान हुई खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। त्योहारी सीजन में लोअर बाजार में नगर निगम की कार्रवाई से उपजे विवाद को लेकर शहर के कारोबारियों ने रविवार को बैठक की। बैठक में बाजार में अवैध रूप से दुकानें सजाने वाले तहबाजारियों को लेकर रोष व्यक्त किया गया। वहीं तहबाजारियों को उचित स्थान पर स्थानांतरित करने की उठाई मांग गई। बैठक में सोमवार को बाजार बंद करने के फैसले को भी वापस ले लिया गया। बैठक में शिमला शहरी के विधायक हरीश जानरथा भी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता शिमला व्यापार मंडल के प्रधान हरजीत कुमार मंगा ने की।
व्यापार मंडल के प्रधान ने कहा कि शिमला में जिस तरह से तहबाजारियों का अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है वह चिंतनीय है। तहबाजारियों को नगर निगम शिमला से जितना तय क्षेत्र आवंटित होता है, वह इससे कहीं अधिक क्षेत्र में बैठते हैं। इससे स्थानीय दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। गौर रहे कि दुकानों का फ्रंट पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पहले ही जगह कम है। वहीं तहबाजारियों की ओर से सामान को फैलाकर रखने के कारण दुकानों की पहचान ही खत्म हो जाती है। स्थानीय व्यापारी त्योहारी सीजन का इंतजार पूरे वर्ष करते हैं लेकिन जैसे ही त्योहार शुरू होते हैं, दूसरे राज्यों से आकर तहबाजारी दुकानें सजा देते हैं, जो कि न्यायसंगत नहीं है। व्यापार मंडल शिमला ने नगर निगम से आग्रह किया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए अपनी कार्रवाई पिछले वर्षों की तरह स्थगित करे। बैठक में विधायक हरीश जानरथा के आश्वासन के बाद व्यापार मंडल शिमला ने सोमवार को बाजार बंद करने का आह्वान स्थगित कर दिया है। शिमला व्यापार मंडल के व्यवसायियों ने सरकार से भी आग्रह किया है कि तहबाजारियों को उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को नगर निगम की दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई के बाद कारोबारी उग्र हो गए थे। गुस्साए कारोबारियों ने नगर निगम की गाड़ी को करीब डेढ़ घंटे तक रोके रखा। कारोबारी इस बात से नाराज थे कि नगर निगम उन पर एकतरफा कार्रवाई करता है जबकि तहबाजारियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके बाद कई कारोबारियों ने दुकानें भी बंद कर दी थीं वहीं इसके विरोध में सोमवार को बाजार बंद रखने का फैसला भी लिया था। बैठक में शिमला व्यापार मंडल के महासचिव नितिन सोहल, उपाध्यक्ष अजय सरना सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।