इसमें 12 प्रतिशत जीएसटी भी लगाया गया। खास बात है कि 1482 रुपये में उसे 15 फीसदी का डिस्काउंट देने की बात भी बिल में दर्ज थी। दो दिन बाद हरविंदर ने उसी कंपनी के उसी इंजेक्शन को सेक्टर 11 स्थित कुमार एंड कंपनी से खरीदा।
कुमार एंड कंपनी ने इंजेक्शन के लिए 175 रुपये के हिसाब से 700 रुपये लिए। बिना किसी डिस्काउंट के पीजीआई कैंपस से बाहर लगभग आधे दाम पर वही इंजेक्शन मिलने पर उनके होश उड़ गए। इसके बाद 25 अक्तूबर को हरविंदर ठाकुर ने लूट के इस खेल की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय से कर दी। इसके बाद मामले की जांच शुरू हो गई है।
शिकायत चंडीगढ़ की, जांच हिमाचल को
मामले में कागजी रूप से भले ही जांच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चंडीगढ़ पीजीआई से संबंधित शिकायत की जांच पीएमओ ने हिमाचल प्रदेश के जन शिकायत निवारण विभाग को भेज दी। हिमाचल के शिकायत निवारण विभाग ने उसे प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग को रेफर कर दिया।