मौसम की बेरुखी से बने सूखे जैसे हालात के बीच लोग बारिश के देवता बड़ादेव कमरूनाग की शरण में पहुंच गए हैं। बारिश का देवता माने जाने वाले देव कमरूनाग के गूरों की तो बाकायदा परीक्षा शुरू हो गई है। बारिश कराने की कसौटी पर खरा न उतरने पर तो गूर को कुर्सी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
मंडी क्षेत्र में सूखा पड़ने और बारिश न होने पर ज्योग, तांदी, लोट, धार, गलयांडी समेत अनेक गांवों के लोगों ने क्षेत्र के अधिष्ठाता देव कमरूनाग के गूरों से देवता को मनाने और बारिश करने के लिए धूप दिलाने में लग गए हैं।