हिमाचल के जिला चंबा के क्षेत्रीय अस्पताल में अनुबंध पर चल रही निजी लैब एसआरएल यहां आने वाले मरीजों की जान से किस तरह खिलवाड़ कर रही है इसका ताजा उदाहरण शुक्रवार को देखने को मिला।
निजी लैब में पिछले 34 दिनों से आने वाले मरीजों के नौ तरह के एक्सपायरी केमिकल (रिजेंट) से ही टेस्ट किए जा रहे थे। इस अवधि में अब तक किडनी के 318 और पीलिया के 29 टेस्ट हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के छापे में लैब में नौ तरह के केमिकल एक्सपायर पाए हैं।
इस केमिकल से एसओ, एसईबी, एचसीबी और एचबी टेस्ट होते हैं। अब विभाग ने एक्सपायर और दूसरे केमिकल को सील कर उसके सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अशोक गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए लैब संचालक दोषी हैं। लैब के खिलाफ चालान बनाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
छापेमारी में पकड़ी एक्सपायरी किट
एंटी क्रप्शन सैल के संयोजक सलीम ने स्थानीय लोगों को साथ लेकर सीएमओ से लैब में हो रहे परीक्षण की रिपोर्ट सही न आने की शिकायत की। शुक्रवार को ही कुछ अन्य मरीज भी इस तरह की शिकायत लेकर उनके पास पहुंचे।
इसके बाद सीएमओ डा. अशोक गुप्ता ने ड्रग इंस्पेक्टर नरेंद्र ठाकुर के साथ मिलकर लैब पर छापा मारा। इस दौरान परीक्षण में उपयोग होने वाले केमिकल और किट एक्सपायर पाई गई। परीक्षण में इस्तेमाल हो रहे टेस्टिंग रिजेंट 15 मार्च को एक्सपायर हो चुके थे और इनका इस्तेमाल आज भी हो रहा था। इस केमिकल से अभी और कई टेस्ट किए जा सकते थे।
एसआरएल लैब की निदेशक लैब ऑपरेशन दीपा दबे का कहना है कि मामला सामने आने के बाद जांच बिठा दी है। ऐसा मामला सिद्धांतों के विपरीत है। दोषियों पर कार्रवाई होगी।
दोबारा कराएं टेस्ट : स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग ने अमर उजाला के माध्यम से मरीजों से अपील की है कि इस अवधि के दौरान जिन्होंने लैब में अपने परीक्षण करवाए थे, वे दोबारा किसी दूसरी लैब में परीक्षण करवाएं। लैब से हुए टेस्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
शिकायत पर चंबा अस्पताल की निजी लैब में छापा मारकर टेस्टिंग रिजेंट पकड़े हैं जो एक्सपायर हो चुके हैं। इन केमिकल को सील कर दिया गया है। अन्य केमिकल के सैंपल भी भरे गए हैं जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है।-नरेंद्र ठाकुर, ड्रग इंस्पेक्टर चंबा