राजधानी शिमला के लोगों को इन दिनों पानी भरने के लिए रातभर जागना पड़ रहा है। नगर निगम शहर के कई इलाकों में रात ढाई बजे भी पानी की सप्लाई कर रहा है। पानी की सप्लाई का शेड्यूल पूरी तरह गड़बड़ा गया है। नगर निगम का तर्क है कि शहर को मांग के मुकाबले कम मात्रा में पानी की सप्लाई मिल रही है, जिसके कारण शहर के स्टोरेज टैंकों में पानी का लेबल नहीं बन पा रहा।
इस कारण निर्धारित शेड्यूल पर सप्लाई नहीं हो पा रही। पानी के असमान वितरण के कारण शहर के लोग परेशान हैं। पानी की किल्लत के कारण शहर के लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पानी भरने के लिए लोगों को रातभर जागना पड़ रहा है।
सेंट्रल जोन, छोटा शिमला और चौड़ा मैदान जोन में कई स्थानों पर देर रात पानी की सप्लाई की जा रही है। लोगों का कहना है कि नगर निगम शहर के कई इलाकों में दिन में दो बार पानी की सप्लाई दे रहा है तो टूटु जैसे कई उपनगरों में हफ्ते में एक ही बार पानी की सप्लाई हो रही है।
स्टोरेज के लिए टैंक लगवाएं लोग : सरकैक
टैंकों में पानी का लेबल कम होने के कारण सप्लाई का शेड्यूल प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में रात के समय भी सप्लाई देनी पड़ रही है। लोगों से आग्रह है कि अपने घरों में पानी स्टोर करने के लिए टंकियां लगाएं। शहर के लिए पानी की आपूर्ति बढ़ते ही व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।- प्रशांत सरकैक सहायक आयुक्त, नगर निगम
कंस्ट्रक्शन के लिए पानी, पीने के लिए किल्लत
राजधानी शिमला में कई स्थानों पर नगर निगम भवन निर्माण के लिए पानी की सप्लाई दे रहा है। पंथाघाटी में रात के समय कंस्ट्रक्शन के लिए पानी की सप्लाई दी जा रही है। लोगों का कहना है कि पानी का प्रेशर कम होने के नाम पर लोगों को पानी नहीं दिया जा रहा और प्रभावशाली लोगों के लिए पानी की कोई कमी नहीं है।
गिरि और गुम्मा से बढ़ी सप्लाई
शहर को गिरि और गुम्मा परियोजना से पानी की सप्लाई में आंशिक बढ़ोतरी हुई है। दोनों परियोजनाओं से नगर निगम को पहले के मुकाबले औसतन एक से दो एमएलडी अधिक पानी मिल रहा है, लेकिन पानी की आपूर्ति में हुई यह बढ़ोतरी राशनिंग खत्म करने के लिए नाकाफी है।