नगर निगम शिमला ने हाउस टैक्स डिफाल्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है। एक माह के भीतर यदि टैक्स जमा नहीं किया तो नगर निगम 517 टैक्स डिफाल्टरों के भवन और दुकानें नीलाम कर देगा। टैक्स डिफाल्टरों के खिलाफ नगर निगम ‘एमसी एक्ट 1994’ के तहत कार्रवाई करेगा।
निगम आयुक्त पंकज राय ने इसकी पुष्टि की है। नगर निगम के टैक्स डिफाल्टरों की सूची में शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी, सरकारी, प्राइवेट कर्मचारी और भू-स्वामी (किसान) शामिल हैं। नगर निगम ने 31 मार्च 2012 तक लंबित टैक्स की वसूली के लिए डिफाल्टरों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नोटिस जारी होने के एक माह के भीतर डिफाल्टरों को टैक्स जमा करना होगा। टैक्स जमा न होने की स्थिति में संपत्ति नीलाम कर दी जाएगी। निगम को 517 डिफाल्टरों से एक करोड़ 23 लाख रुपये की वसूली करनी है। अभी तक टैक्स डिफाल्टरों के रिकवरी केस एमसी कलेक्टर के पास चल रहे थे लेकिन डिफाल्टर न तो केस में हाजिर हुए और न ही बकाया राशि का भुगतान किया।
इसके चलते निगम को संपत्ति नीलाम करने का फैसला लेना पड़ा। नगर निगम को एक माह बाद उच्च न्यायालय के समक्ष भी टैक्स वसूली की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। नगर निगम शिमला आयुक्त पंकज राय ने कहा कि टैक्स डिफाल्टरों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिसीव न किए जाने की सूरत में नोटिस घरों के बाहर चस्पां कर दिए जाएंगे। नोटिस जारी होने के एक माह के भीतर यदि टैक्स जमा नहीं किया तो संबंधित व्यक्ति की संपत्ति अटैच कर सेल कर दी जाएगी।
1688 डिफाल्टरों से वसूले 4.27 करोड़- नगर निगम को टैक्स अदा न करने वालों की संख्या 2013 में 2205 थी। नगर निगम को इन लोगों से पांच करोड़ 50 लाख रुपये की वसूली करनी थी। नगर निगम अब तक 1688 टैक्स डिफाल्टरों से करीब चार करोड़ 27 लाख रुपये वसूल चुका है। अब 517 डिफाल्टरों से एक करोड़ 23 लाख रुपये वसूलना बाकी है।