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हजारों लोगों पर भारी पड़ गई एमसी की ये लापरवाही

Sun, 14 Jun 2015 10:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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नगर निगम ने पानी बिलों पर एक नया कारनामा कर दिया है। उपभोक्ताओं को भेजे बिलों में बिल जमा करवाने की आखिरी तारीख को हाथ से लिखकर आगे बढ़ा दिया लेकिन बिल जमा करवाने वाले साफ्टवेयर में नई तारीख को अपडेट नहीं किया। इस कारण बिल जमा करवाने जा रहे उपभोक्ताओं को सरचार्ज भुगतना पड़ रहा है।
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350 रुपये से लेकर 700 रुपये का सरचार्ज लगाया जा रहा है। नगर निगम के रिज मैदान से सटे कैश काउंटर, लोकमित्र केंद्रों और आनलाइन तरीके से बिल जमा करवाने जा रहे उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। नगर निगम ने इन तीनों ही जगह में बिल जमा करने के साफ्टवेयर अपडेट नहीं किए। छोटा शिमला वार्ड के पार्षद सुरेंद्र चौहान ने इस मामले को निगम प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया है।

नगर निगम की इस लापरवाही के शहर के उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। छोटा शिमला स्थित औक्टागन लॉज के एमएम गुलाटी को 3266 रुपये का पानी बिल नगर निगम ने भेजा है। कैश से बिल जमा करवाने की तारीख 10 जून और चेक से जमा करवाने की तारीख 8 जून लिखी है। इन तारीखों को मिटाकर नगर निगम ने हाथ से नई तारीखें लिखी हैं।
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कैश की तारीख को बढ़ाकर 29 जून किया है और चेक की तारीख को 25 जून लिखा है। लेकिन जब उपभोक्ता बिल जमा करवाने लोकमित्र केंद्र पहुंचे तो उनसे सरचार्ज मांगा गया। कहा गया कि साफ्टवेयर पर बिल जमा करवाने की आखिरी तारीख दस जून थी। 338 रुपये का सरचार्ज चुकाना होगा। ऐसा ही वाक्या छोटा शिमला के लक्ष्मण दास के साथ भी हुआ है। कई उपभोक्ताओं को नगर निगम ने इस तरह से हाथ से लिख कर बढ़ाई गई लास्ट डेट के बिल भेजे हैं।

जल्द अपडेट कर देंगे सभी साफ्टवेयर
नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने कहा कि संबंधित शाखा को साफ्टवेयर अपडेट करने को कह दिया है। पानी बिल जमा करवाने की अंतिम तारीख साफ्टवेयर में भी बढ़ा दी जाएगी।

जांच के दे दिए हैं आदेश : चौहान
महापौर संजय चौहान ने बताया है कि प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। साफ्टवेयर को अपडेट करने को कहा है ताकि लोगों से अतिरिक्त वसूली न हो।
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