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मेयर की दो टूक, अब कोर्ट में लड़ेंगे शिमला के हक की लड़ाई

Sat, 29 Aug 2015 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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‘अगर सीएम सुन लेते तो आज हमारे शिमला का नाम भी स्मार्ट सिटी की फेहरिस्त में होता।’ स्मार्ट सिटी के चयन को लेकर अंदर खाते हो रही गड़बड़ी की शिकायत मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से 26 दिन पहले ही कर दी गई थी। रिज मैदान पर हिमाचल निर्माता डा. परमार की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से हाथ जोड़कर शिमला के लोगों को उनका हक दिलाने का आग्रह किया था।
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से शिमला के बाहर होने के बाद शनिवार को प्रेस को संबोधित करते हुए शिमला के मेयर संजय चौहान ने तल्ख लहजे में यह बात कही। मेयर ने दो टूक कह दिया कि शिमला के हक की लड़ाई अब कोर्ट में लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना के लिए शिमला ही पात्र शहर है, यह मुख्यमंत्री को लिखकर भी दिया। बावजूद इसके शिमला की जगह धर्मशाला का नाम फाइनल कर दिया गया।

पूरे मसले पर मुख्यमंत्री चुप्पी साधे रहे, उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी। स्मार्ट सिटी योजना को लेकर सरकार ने अपनी संवैधानिक जिम्मेवारी नहीं निभाई। शिमला के लोगों से सरेआम बेईमानी की गई। बाकायदा इसके लिए जन समर्थन भी जुटाया जाएगा। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भी तथ्यों के साथ पूरी गड़बड़ी से अवगत करवाया जाएगा। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने शिमला के स्थान पर अवैध तरीके से धर्मशाला के चयन से संबंधित आंकड़े भी सामने रखे।
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मेयर, डिप्टी मेयर ने यह लगाए आरोप
शिमला के साथ हुए अन्याय के लिए शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा हैं जिम्मेदार।
राज्यपाल द्वारा गठित मुख्यसचिव की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी की देखरेख में हुआ गड़बड़झाला।
गोल्फ कार्ट और एलईडी (रिश्ता) प्रोजेक्ट में सरकार ने किया शहर के साथ धोखा।
धर्मशाला के लोगों से भी फ्रॉड कर रही सरकार, योजना के लिए कहां से आएगा 50 फीसदी बजट।
अब अमृत योजना के नाम पर ठगे जा रहे शिमला के लोग।

स्कोर कार्ड पर उठाए सवाल- डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने स्मार्ट सिटी योजना के लिए प्रदेश सरकार की ओर से केंद्र को भेजे गए स्कोर कार्ड पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम के लिए धर्मशाला को 5 अंक, ई- न्यूज लेटर के लिए 5 अंक, बजट एवं व्यय का आनलाइन ब्यौरे के लिए 5 अंक, आंतरिक आय स्रोतों के लिए 10 अंक, जेएनएनयूआरएम रिफार्म के लिए 10 अंक और जेएनएनयूआरएम प्रोजेक्ट कंपलीशन के लिए दिए गए 10 अंकों सहित कुछ अन्य मदों में दिए गए अंक सरासर गलत है। स्कोर कार्ड में शिमला को 85 और धर्मशाला को 87.5 अंक दिए गए हैं। हकीकत में धर्मशाला 24.5 अंकों का हकदार है। धर्मशाला को 63 अंक गलत तरीके से दिए गए हैं।
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