राजधानी में पिछले चार साल से गरीब परिवारों के बीपीएल कार्ड न बनने पर वीरवार को नगर निगम के मासिक सदन में खूब हंगामा हुआ। पार्षदों ने इस मामले में ढील बरतने पर सरकार को निशाने पर लिया। मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में हुई मासिक बैठक में पार्षद दिवाकर देव शर्मा ने पूछा कि आखिर नए बीपीएल कार्ड क्यों नहीं बन रहे। 10 साल पहले जिनके बीपीएल कार्ड बनाए गए थे उनमें से कई अब सरकारी अफसर और बाबू बन चुके हैं।
यह अभी भी बीपीएल सूची में हैं जबकि हकीकत में जो गरीब परिवार हैं, उनके बीपीएल कार्ड बनाए ही नहीं जा रहे। पार्षद विवेक शर्मा ने कहा कि गरीब परिवार चक्कर काट रहे हैं। कार्यकारी आयुक्त अजीत भारद्वाज ने कहा कि इस मामले में सरकार को पत्र लिख चुके हैं। शहर में आय सीमा के नए सर्वे पर कार्ड बनाने हैं या फिर पुरानी आय सीमा ही लागू रखनी है, इस पर दिशा निर्देश मिलने पर नए कार्ड बनाने या रिन्यू करने पर फैसला ले सकते हैं। उप महापौर शैलेंद्र चौहान ने पूछा कि साथ लगती पंचायतों में जब बीपीएल कार्ड बन सकते हैं तो नगर निगम में क्यों नहीं? इस पर सदन में ही फैसला लिया जाए। सरकार को फिर पत्र भेजकर क्या करेंगे?
मेयर-डिप्टी मेयर क्यों नहीं जाते सरकार के पास
भाजपा पार्षद संजीव ठाकुर ने कहा कि मेयर और डिप्टी मेयर इस मामले को लेकर सरकार के पास क्यों नहीं जाते। लंबी चर्चा के बाद सदन में फैसला लिया गया कि इस मामले पर शहरी विकास विभाग को पत्र भेजा जाएगा जिस पर रोजाना की अपडेट ली जाएगी। एक महीने बाद इस पर क्या फैसला हुआ, उसकी जानकारी अगले सदन में देंगे।
बीपीएल कार्ड बनाने के लिए यह होंगी शर्तें
सदन में नए बीपीएल कार्ड बनाने की शर्तें भी तय की गई हैं। इसके अनुसार बीपीएल कार्ड बनाने के लिए वार्ड सभा में नाम प्रस्तावित किया जाएगा। संबंधित आवेदक को तहसीलदार से आय प्रमाणपत्र देना होगा। साथ ही हिमाचली प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा। अभी बीपीएल कार्ड न बनने से गरीब परिवारों को इस कोटे से स्कूलों में दाखिला, स्कॉलरशिप लेने, स्वास्थ्य कार्ड बनाने, आवास योजनाओं का फायदा लेने समेत कई अन्य कामों में परेशानी आ रही है।
सदन में इंजनघर और बैनमोर के सेनेटरी इंस्पेक्टर के तबादले पर पार्षद आरती चौहान और किमी सूद ने सवाल उठाए। कहा कि कम से कम पार्षद को तो पूछा जाना चाहिए था। आरती चौहान की कार्यकारी आयुक्त से नोंकझोंक भी हुई। पार्षद ने कहा कि तबादले के लिए उनसे पूछा जाना चाहिए। कार्यकारी आयुक्त ने कहा कि यह प्रशासनिक फैसला है। इस बारे में पार्षदों से पूछना जरूरी नहीं। आरती चौहान ने हाउसिंग बोर्ड कालोनी में सड़क पर लग रहे गेट का मामला उठाया।
आयुक्त ने कहा कि इसे तोड़ने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। पार्षद राकेश चौहान ने बंदरों के आतंक का मामला उठाया। मेयर ने कहा कि जल्द इस पर बैठक बुलाएंगे। शहर में सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाने वालों की जेई रिपोर्ट देंगे। इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। पार्षद आनंद कौशल ने टूटीकंडी रीडिंग रूम में अटेंडेंट की जल्द तैनाती की मांग उठाई। कुसुमलता ने न्यू शिमला में बिजली तारों पर झूल रहे पेड़ों की शाखाएं बर्फबारी से पहले काटने की मांग उठाई।