शिमला नगर निगम की मासिक बैठक।
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शहरवासियों के कोरोनाकाल के दौरान के कूड़ा बिल माफ न करने के विरोध में नगर निगम के पूर्व कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने सोमवार को मेयर दफ्तर के बाहर धरना दिया। मासिक सदन से पहले मेयर दफ्तर पहुंचे भट्ठाकुफर के पूर्व पार्षद ने कहा कि निगम होटल कारोबारियों को तो राहत देने जा रहा है, लेकिन आम जनता के लिए कोई छूट नहीं दी जा रही। कोरोनाकाल में शहर से ज्यादातर लोग गांव लौट गए थे। कई ऐसे थे जिनकी नौकरियां चली र्गइं। मजदूरी करने वाले लोग दिहाड़ी तक नहीं लगा पाए। लेकिन निगम इन सबको कूड़े के बिल जारी कर रहा है।
आम जनता को भी राहत देनी चाहिए। आरोप लगाया कि भाजपा शासित नगर निगम जानबूझ कर यह प्रस्ताव टालने के लिए इसे सरकार को भेजने का ड्रामा कर रहा है। शहर में जब कूड़ा शुल्क बढ़ाया था तब सरकार की मंजूरी नहीं ली लेकिन जब राहत देने की बात आई तो सरकार को प्रस्ताव भेजने का ड्रामा किया जा रहा है। मेयर और डिप्टी मेयर समेत भाजपा पार्षद कूड़ा शुल्क से राहत देने के लिए एक बार भी सीएम या मंत्री से मिलने नहीं गए। ऐसे में जनता को राहत कैसे मिलेगी। बाद में डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान ने राहत का भरोसा देकर पूर्व पार्षद का धरना खत्म किया। पूर्व पार्षद ने कहा कि जब तक राहत नहीं मिल जाती, लोगों को कूड़े के बिल जारी न किए जाएं।